B.R.Goyal Infrastructure ने नॉन-प्रमोटर निवेशकों को 11 लाख कनवर्टिबल वारंट्स अलॉट किए हैं, प्रति वारंट ₹119 की दर से। इस प्रेफरेंशियल इश्यू से कंपनी ₹13.09 करोड़ जुटाएगी, लेकिन इससे भविष्य में इक्विटी डाइल्यूशन का खतरा भी है।
B.R.Goyal Infrastructure ने ₹13.09 करोड़ जुटाए, वारंट्स अलॉट किए
11,00,000 वारंट्स अलॉट किए गए
₹13.09 करोड़ कुल राशि
रीडर टेकअवे: वारंट्स के जरिए कैपिटल तो जुटा लिया गया है, लेकिन भविष्य में इक्विटी डाइल्यूशन पर नजर रखने की जरूरत है।
क्या हुआ?
B.R.Goyal Infrastructure Ltd ने नॉन-प्रमोटर निवेशकों को 11,00,000 कनवर्टिबल वारंट्स का प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। हर वारंट की कीमत ₹119 रखी गई है, जिसमें फेस वैल्यू से ₹109 का प्रीमियम शामिल है।
यह क्यों मायने रखता है?
कंपनी ने इश्यू वैल्यू के 25% यानी ₹3.27 करोड़ का अपफ्रंट सब्सक्रिप्शन हासिल कर लिया है। बाकी 75% राशि वारंट्स के कन्वर्जन पर देनी होगी। इस प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट से कंपनी कुल ₹13.09 करोड़ जुटा सकती है।
पूरी कहानी
यह अलॉटमेंट बोर्ड और शेयरहोल्डर्स की जरूरी मंजूरी के बाद हुआ है। ये वारंट्स अलॉटमेंट की तारीख से 18 महीनों के भीतर इक्विटी शेयर्स में बदले जा सकते हैं।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी ने कैपिटल का एक हिस्सा तो सफलतापूर्वक जुटा लिया है और पूरी ₹13.09 करोड़ की राशि जुटाने की क्षमता रखती है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि वारंट्स के इक्विटी में बदलने पर उनके शेयर होल्डिंग का डाइल्यूशन हो सकता है।
जोखिम
मौजूदा शेयरधारकों के लिए मुख्य जोखिम यह है कि वारंट्स के इक्विटी में बदलने पर प्रति शेयर आय (EPS) और उनकी हिस्सेदारी कम हो सकती है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को कंपनी द्वारा जुटाई गई राशि के उपयोग और इन वारंट्स के इक्विटी शेयर्स में बदलने की समय-सीमा पर नजर रखनी चाहिए।
