BGR Energy Systems ने अपने **₹3,736 करोड़** के कर्ज को चुकाने के लिए NARCL के साथ एक अहम मास्टर रीस्ट्रक्चरिंग एग्रीमेंट (MRA) साइन किया है। इस प्लान के तहत कंपनी को अब अपना भारी कर्ज दो हिस्सों में बांटना होगा, जिससे कंपनी पर दबाव थोड़ा कम होगा।
कर्ज का नया गणित
कंपनी ने अपने ₹3,736 करोड़ के कुल आउटस्टैंडिंग कर्ज को दो हिस्सों में बांटा है:
- सस्टेनेबल डेट (Sustainable Debt): ₹1,245 करोड़, जिसे 30 सितंबर 2030 तक चुकाना होगा।
- अनसस्टेनेबल डेट (Unsustainable Debt): ₹2,491 करोड़, जिसे रीस्ट्रक्चरिंग के तहत मैनेज किया जाएगा।
###股权 (Equity) और कंट्रोल में बदलाव
इस डील के साथ ही NARCL अब BGR Energy में 20% की हिस्सेदारी हासिल कर लेगी, जिससे मौजूदा शेयरहोल्डर्स का हिस्सा डाइल्यूट (Dilute) होगा। कंपनी के बोर्ड में अब NARCL अपने दो नॉमिनी डायरेक्टर नियुक्त कर सकेगी, जिसका मतलब है कि कंपनी के फैसलों में लेंडर का सीधा दखल रहेगा।
ऑपरेशंस और रिवेन्यू पर असर
- मॉनिटरिंग कमिटी: कंपनी के कामकाज पर नजर रखने के लिए लेंडर के साथ मिलकर एक मॉनिटरिंग कमिटी बनाई जाएगी।
- रिवेन्यू शेयरिंग: कंपनी के पास जो भी आर्बिट्रेशन क्लेम (Arbitration claims) या रिसीवेबल्स रिकवर होंगे, उसका 75% हिस्सा सीधा NARCL के पास जाएगा।
निवेशकों के लिए अब बड़ा रिस्क यह है कि कंपनी को 2030 की डेडलाइन तक अपना सस्टेनेबल कर्ज समय पर चुकाना होगा, जिसके लिए उन्हें अपने ऑपरेशंस को तेजी से सुधारना होगा। बोर्ड में होने वाली नियुक्तियों और कंपनी की स्ट्रैटेजी में बदलाव पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।
