Aye Finance ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹86.72 करोड़** पहुंच गया है। हालांकि, ऑडिटर्स ने लोन पोर्टफोलियो से जुड़ी एक फाइनेंशियल शर्त (covenant) के उल्लंघन का मुद्दा उठाया है, जो निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत है।
मुनाफे की रफ्तार
Aye Finance ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए मजबूत प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि के ₹34.53 करोड़ के मुकाबले काफी बढ़कर ₹86.72 करोड़ हो गया है। इसके साथ ही ऑपरेशनल रेवेन्यू भी पिछली तिमाही के ₹477.37 करोड़ से बढ़कर ₹514.39 करोड़ पर पहुंच गया है। छमाही के आंकड़ों पर नजर डालें, तो कंपनी का कुल मुनाफा ₹161.22 करोड़ रहा है।
क्यों है चिंता की बात?
शानदार ग्रोथ के बावजूद इंडिपेंडेंट ऑडिटर की रिपोर्ट ने निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। रिपोर्ट में एक खास फाइनेंशियल कोवेनेंट (covenant) के उल्लंघन की बात कही गई है। यह मामला ISIN INE501X07588 से जुड़ी (PAR 90 + Write-off)/Gross Loan Portfolio की शर्त से जुड़ा है। एक NBFC के लिए इन शर्तों का पालन करना उधारदाताओं का भरोसा बनाए रखने और कर्ज के प्रोफाइल को हेल्दी रखने के लिए अनिवार्य होता है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी का मैनेजमेंट इस उल्लंघन को ठीक करने के लिए क्या कदम उठाता है। गवर्नेंस और कंप्लायंस में किसी भी तरह की चूक का असर कंपनी की बॉरोइंग कॉस्ट (उधार लेने की लागत) पर पड़ सकता है। शेयरधारकों को आने वाले समय में यह ट्रैक करना होगा कि क्या कंपनी ने कोई वेवर (waiver) हासिल किया है या वे इस समस्या को सुलझाने के लिए क्या उपाय कर रहे हैं।
