Aye Finance ने अपनी 33वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में बड़े फैसले लिए हैं। कंपनी ने अपनी उधार लेने की सीमा को ₹8,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹10,000 करोड़ करने की मंजूरी हासिल कर ली है, साथ ही भविष्य में NCDs जारी करने का रास्ता भी साफ हो गया है।
विस्तार से: क्या है कंपनी का प्लान?
1 सितंबर 2026 को आयोजित 33वीं AGM में शेयरधारकों ने कुल 6 अहम प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगाई है। सबसे बड़ा फैसला कंपनी की उधारी सीमा को बढ़ाकर ₹10,000 करोड़ करने का है। इसके अलावा, प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) जारी करने की भी अनुमति मिल गई है।
ये बदलाव क्यों हैं जरूरी?
बढ़ी हुई बोरिंग लिमिट से कंपनी को अपना लोन बुक तेजी से बढ़ाने के लिए जरूरी लिक्विडिटी मिलेगी। डेट मार्केट से फंड जुटाने की तैयारी कंपनी के विस्तार के इरादों को दिखाती है। इस मीटिंग में M S K A & Associates, LLP को नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया गया है और आदित्य मिश्रा को बोर्ड में फिर से नियुक्त किया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है जोखिम?
हालांकि कंपनी के पास अब कामकाज फैलाने के लिए ज्यादा पूंजी होगी, लेकिन कर्ज बढ़ने के साथ ही ब्याज का बोझ भी बढ़ेगा। अगर कंपनी का कलेक्शन चक्र सही नहीं रहा या माइक्रो-लेंडिंग सेगमेंट में मार्जिन पर दबाव आया, तो मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
अब आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब NCD इश्यू से जुड़े अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए। यह पता चलना बाकी है कि कंपनी किस ब्याज दर पर और कब बाजार से यह फंड उठाएगी, क्योंकि इसी से कंपनी की नेट इंटरेस्ट मार्जिन तय होगी।
