Aye Finance ने अपनी 33वीं AGM में बड़ा फैसला लेते हुए कर्ज लेने की सीमा को **₹8,000 करोड़** से बढ़ाकर **₹10,000 करोड़** करने का प्रस्ताव रखा है।
विस्तार से जानें क्या हुआ
Aye Finance Limited की 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संपन्न हुई। इस बैठक में कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजों को मंजूरी दी गई और बोर्ड में डायरेक्टर्स की नियुक्ति पर मुहर लगाई गई।
कर्ज सीमा में क्यों हुआ बदलाव?
कंपनी का मुख्य फोकस अब लेंडिंग ऑपरेशन्स को और मजबूत करना है। ₹10,000 करोड़ तक की नई बोरिंग लिमिट कंपनी को बाजार में अपनी पकड़ बढ़ाने और भविष्य के विस्तार के लिए जरूरी लिक्विडिटी और कैपिटल बफर प्रदान करेगी। इस रणनीति के तहत एसेट्स पर चार्ज बनाने का भी प्रस्ताव है।
गुड गवर्नेंस का संकेत
निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के ऑडिट रिपोर्ट में कोई भी 'क्वालिफिकेशन' या प्रतिकूल टिप्पणी नहीं मिली है। यह कंपनी की पारदर्शी अकाउंटिंग और बेहतर इंटरनल कंट्रोल की ओर इशारा करता है।
इस महत्वपूर्ण मीटिंग की अध्यक्षता डॉ. गोविंदा राजुलु चिंटाला ने की, जिसमें मैनेजिंग डायरेक्टर संजय शर्मा और सीएफओ गौरव सेठ भी शामिल रहे। अब बाजार की नजरें ई-वोटिंग के नतीजों और स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके अगले दो वर्किंग दिनों में एक्सचेंज पर आने की उम्मीद है।
