Axis Bank ने Q2 के प्रोविजनल आंकड़े जारी कर दिए हैं। बैंक का ग्रॉस एडवांस **₹13,846 अरब** और टोटल डिपॉजिट **₹14,521 अरब** रहा है। हालांकि, इन आंकड़ों में RBI की FCNR (B) स्वैप सुविधा का भी असर शामिल है, जिसे हटाने पर कोर बिजनेस में **18.8%** की सालाना बढ़ोतरी देखी गई है।
बैंक का प्रदर्शन और असली तस्वीर
Axis Bank ने सितंबर तिमाही के लिए अपने शुरुआती बिजनेस अपडेट पेश किए हैं। बैंक ने सालाना आधार पर ग्रॉस एडवांसेज में 22.7% और टोटल डिपॉजिट में 20.7% की हेडलाइन ग्रोथ दर्ज की है। हालांकि, इन नंबर्स में RBI की FCNR (B) डिपॉजिट स्वैप फैसिलिटी का काफी योगदान है।
FCNR (B) का असर
बैंक ने इस सुविधा के जरिए USD 10.62 अरब जुटाए हैं, जिससे फंडिंग मिक्स में बदलाव आया है। यही कारण है कि नॉन-रिटेल टर्म डिपॉजिट में तिमाही आधार पर 8.6% की गिरावट देखने को मिली है। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि यह बढ़त कितनी ऑर्गेनिक है और कितनी रेगुलेटरी सपोर्ट की वजह से है।
एडजस्टेड ग्रोथ के आंकड़े
पारदर्शिता के लिए बैंक ने इंटरनेशनल ब्रांच की गतिविधियों को अलग करके आंकड़े दिए हैं:
- ग्रॉस एडवांसेज (एडजस्टेड): सालाना आधार पर 18.8% और तिमाही आधार पर 5.3% की बढ़त।
- टोटल डिपॉजिट (एडजस्टेड): सालाना आधार पर 17.0% और तिमाही आधार पर 2.6% की बढ़ोतरी।
- टर्म डिपॉजिट (एडजस्टेड): सालाना आधार पर 21.3% और तिमाही आधार पर 3.2% की वृद्धि।
अब आगे क्या?
ये आंकड़े अभी प्रोविजनल हैं और ऑडिट बाकी है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि इस डिपॉजिट मिक्स बदलाव का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर क्या असर पड़ता है और बैंक अपनी ऑर्गेनिक ग्रोथ को कैसे बरकरार रखता है।
