Avance Technologies ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं, और यह साल कंपनी के लिए बेहद शानदार रहा है। कंपनी के नेट प्रॉफिट में **508%** की बंपर बढ़ोतरी हुई है, जो पिछले साल के **₹2.07 करोड़** से बढ़कर **₹12.59 करोड़** हो गया है। इसके साथ ही, कंपनी ने मैनेजमेंट और ऑडिटर नियुक्ति के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है।
Avance Technologies के FY26 के शानदार नतीजे
Avance Technologies Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी की कुल आय (Total Income) ₹101.08 करोड़ रही, जो पिछले साल के ₹57.93 करोड़ के मुकाबले एक बड़ी छलांग है। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात नेट प्रॉफिट में आई है, जो 508% बढ़कर ₹12.59 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह सिर्फ ₹2.07 करोड़ था।
बोर्ड में होंगे अहम बदलाव
इन शानदार नतीजों के साथ ही, कंपनी शेयरधारकों से कुछ अहम नियुक्तियों के लिए पोस्टल बैलेट (Postal Ballot) के जरिए मंजूरी मांगने वाली है। इनमें M/s. A. Raghavendra Rao & Associates को नए स्टेटुटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) के तौर पर नियुक्त करना शामिल है, ताकि कैजुअल वैकेंसी (casual vacancy) भरी जा सके। इसके अलावा, श्री संतोष हेम्ब्रे को मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director) और श्री दीपक गायकवाड़ को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Non-Executive Independent Director) के पद पर पांच साल के लिए नियुक्त करने की भी मंजूरी मांगी गई है, जो 30 जून, 2026 से प्रभावी होगा।
निवेशकों के लिए क्यों है यह अहम?
कंपनी की मजबूत वित्तीय परफॉर्मेंस, खासकर नेट प्रॉफिट में भारी बढ़ोतरी, कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) और रेवेन्यू जनरेशन (revenue generation) को दर्शाती है। वहीं, प्रस्तावित बोर्ड नियुक्तियाँ कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) और लीडरशिप को मजबूत करेंगी, जो कंपनी की ग्रोथ और निवेशकों के भरोसे के लिए बहुत जरूरी हैं। शेयरधारक 16 जुलाई, 2026 से 14 अगस्त, 2026 तक पोस्टल बैलेट और रिमोट ई-वोटिंग (remote e-voting) के जरिए इन फैसलों पर अपनी मुहर लगाएंगे।
पिछली कहानी
यह दोहरी घोषणा ऐसे समय में आई है जब Avance Technologies टेक्नोलॉजी-ड्रिवन बिजनेस एक्टिविटीज (technology-driven business activities) और ऑपरेशनल ऑप्टिमाइजेशन (operational optimization) पर फोकस कर रही थी। पिछले स्टेटुटरी ऑडिटर, M/s. Rishi Sekhri & Associates, ने मेडिकल कारणों से इस्तीफा दे दिया था, जिसके चलते नए ऑडिटर की नियुक्ति जरूरी हो गई थी।
आगे क्या?
निवेशकों को अब पोस्टल बैलेट के नतीजों का इंतजार करना होगा कि नई नियुक्तियों को मंजूरी मिलती है या नहीं। इसके बाद, कंपनी के प्रदर्शन पर नई लीडरशिप और ऑडिटर के प्रभाव पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा, खासकर रेवेन्यू और प्रॉफिट में लगातार ग्रोथ पर।
