Authum Investment & Infrastructure ने अपने FY26 के नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹1,929 करोड़** रहा है और अब कंपनी अपना ध्यान एसेट रिकंस्ट्रक्शन बिजनेस की ओर बढ़ा रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नज़र
कंपनी ने अपने सालाना नतीजों में बताया कि FY26 के दौरान उनका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू घटकर ₹2,653.89 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹4,612.22 करोड़ था। इसी तरह, नेट प्रॉफिट भी गिरकर ₹1,929.35 करोड़ पर आ गया है, जबकि FY25 में यह आंकड़ा ₹4,241.41 करोड़ था। मैनेजमेंट ने इस गिरावट के पीछे ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता और भू-राजनीतिक (Geopolitical) कारणों का हवाला दिया है।
नई रणनीति: क्रेडिट और एसेट रिकंस्ट्रक्शन
कंपनी अब सिर्फ एक इन्वेस्टमेंट हाउस से बदलकर एक डायवर्सिफाइड फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म बनने की राह पर है। India SME Asset Reconstruction Company (ISARC) के अधिग्रहण और रिटेल लोन सर्विसिंग में ₹2,000 करोड़ से अधिक के AUM के साथ, कंपनी अब फिक्स्ड और रिकरिंग इनकम की ओर फोकस कर रही है।
AGM का एजेंडा: निवेशकों के लिए क्या है खास?
आगामी 28 सितंबर, 2026 को होने वाली 44वीं AGM में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे। इसमें मुख्य रूप से ₹5,000 करोड़ तक की बॉरोइंग लिमिट बढ़ाने और Mentor Capital Limited के साथ संबंधित ट्रांजैक्शंस को मंजूरी देने पर शेयरधारकों की मुहर लगेगी।
रिस्क और फाइनेंशियल हेल्थ
कंपनी का डेट-इक्विटी रेशियो फिलहाल 0.23x है, जो काफी सुरक्षित माना जा रहा है। साथ ही, ₹14,728 करोड़ की मजबूत नेटवर्थ और CRISIL की 'A/Stable' रेटिंग कंपनी की स्थिरता को दर्शाती है। हालांकि, मुनाफे में आई गिरावट और संबंधित कंपनियों के साथ बड़े लेनदेन पर निवेशकों को सतर्क नजर बनाए रखने की जरूरत है।
