Authum Investment & Infrastructure ने अपने **₹100 करोड़** के इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट (ICD) को इक्विटी में बदलने का फैसला किया है। इस डील के तहत कंपनी को Vibhav Energy में **25%** हिस्सेदारी मिल गई है, जो Wind World (India) के रिजॉल्यूशन प्लान का हिस्सा है।
कर्ज से हिस्सेदारी तक का सफर
Authum Investment ने 9 अक्टूबर, 2026 को एक अहम कदम उठाते हुए ₹100 करोड़ के कर्ज को 10 करोड़ इक्विटी शेयरों में तब्दील कर दिया है। यह ट्रांजैक्शन Wind World (India) के लिए तैयार किए गए रिवाइज्ड रिजॉल्यूशन प्लान के तहत हुआ है। इस सौदे में किसी अतिरिक्त कैश का लेन-देन नहीं हुआ, बल्कि इसे सीधे बकाया ICD के बदले सेटल किया गया है।
क्यों अहम है यह डील?
यह अधिग्रहण Wind World (India) के रिजॉल्यूशन प्लान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। Authum Investment और Inox Neo Energies का कंसोर्टियम इस पूरी प्रक्रिया की कमान संभाले हुए है। अब कर्जदाता (Creditor) से शेयरहोल्डर बनने के बाद, Authum सीधे तौर पर Vibhav Energy के कामकाज में अपनी भूमिका बढ़ा सकेगी। Vibhav Energy मुख्य रूप से विंड पावर सर्विस और मेंटेनेंस के क्षेत्र में काम करती है।
सामने आए बड़े रिस्क (Risks to watch)
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि Vibhav Energy की फाइनेंशियल स्थिति फिलहाल चुनौतीपूर्ण है। कंपनी का फाइनेंशियल ईयर 2023-24 से 2025-26 तक का टर्नओवर जीरो रहा है। इतना ही नहीं, 31 मार्च, 2026 तक कंपनी की नेट वर्थ -₹0.1 करोड़ (नेगेटिव) दर्ज की गई थी।
ऐसे में Authum के लिए असली चुनौती इस कंपनी को ऑपरेशनली टर्नअराउंड करने की होगी। आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि क्या यह नई सब्सिडियरी कंपनी के पोर्टफोलियो में कोई रेवेन्यू जनरेट कर पाती है या नहीं।
