Aryan Share and Stock Brokers Ltd ने FY 2025-26 के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए **₹1.82 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है, जबकि पिछले साल कंपनी को **₹31.42 लाख** का नुकसान हुआ था। हालांकि कंपनी ने रेगुलेटरी जुर्माना भर दिया है, लेकिन निवेशकों को अभी भी तमिलनाडु में चल रहे स्टाम्प ड्यूटी विवाद पर नजर रखनी चाहिए।
मुनाफे का असली गणित
कंपनी के हालिया नतीजों में ₹1.82 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया गया है, जो पिछले साल के ₹31.42 लाख के घाटे के मुकाबले एक बड़ी रिकवरी है। ऑपरेशनल रेवेन्यू मामूली रूप से बढ़कर ₹99.17 लाख पहुंच गया है, जो पहले ₹89.77 लाख था।
क्यों सतर्क रहें निवेशक?
दिलचस्प बात यह है कि कंपनी का मुनाफा मुख्य रूप से 'अदर इनकम' (Other Income) से आया है, जो उछलकर ₹1.71 करोड़ हो गई है। इसका मतलब यह है कि कंपनी का कोर बिजनेस उतना मुनाफा नहीं कमा रहा है जितना कि निवेश से हो रही कमाई। कंपनी की कुल संपत्ति का 94% हिस्सा, यानी करीब ₹17.41 करोड़, म्यूचुअल फंड और शेयर्स जैसे मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में फंसा हुआ है।
कॉर्पोरेट अपडेट और विवाद
- एजीएम (AGM): 26 सितंबर 2026 को हुई बैठक में कंपनी ने ₹6.06 का ईपीएस (EPS) घोषित किया है।
- लीडरशिप: एमडी Shanmukh Navin Shah और अन्य डायरेक्टर्स का कार्यकाल अगले तीन साल के लिए बढ़ा दिया गया है।
- रेगुलेटरी जुर्माना: कंपनी ने BSE द्वारा लगाया गया ₹62,540 का जुर्माना चुकाकर कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति से जुड़ा विवाद सुलझा लिया है।
- बड़ा जोखिम: तमिलनाडु में स्टाम्प ड्यूटी से जुड़ा एक कानूनी विवाद अभी भी पेंडिंग है, जिसका असर कंपनी के फाइनेंशियल पर पड़ सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे मार्केट वोलाटिलिटी के प्रति सतर्क रहें क्योंकि कंपनी का पोर्टफोलियो पूरी तरह से मार्केट आधारित है।
