Arman Financial Services ने सितंबर तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹7.99 करोड़** से उछलकर **₹51.48 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि कुल आय **₹234.64 करोड़** रही है।
मुनाफे की दौड़ में कंपनी का बड़ा टर्नअराउंड
कंपनी के लिए सितंबर तिमाही बेहद दमदार रही है। अगर हम छमाही (Half-Year) के आंकड़ों पर नजर डालें, तो कंपनी का मुनाफा ₹96.65 करोड़ तक पहुंच गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को ₹6.59 करोड़ का नुकसान हुआ था। इस जबरदस्त ग्रोथ के साथ शेयर की बेसिक EPS (Earnings Per Share) बढ़कर ₹48.94 हो गई है, जो निवेशकों के लिए बड़ी राहत की बात है।
कॉरपोरेट हलचल और अनुपालन
बोर्ड ने 4 नवंबर, 2026 को इन नतीजों को मंजूरी दी। इसके साथ ही, कंपनी ने ESOP अलॉटमेंट की भी जानकारी दी है, जिसमें 2016 की स्कीम के तहत 400 शेयर और 2023 की योजना के तहत 31,171 शेयर जारी किए गए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उसके नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के लिए 1.10x का एसेट कवर बना हुआ है। ऑडिटर M/s. Laxminiwas & Co. ने नतीजों पर अपनी अनमॉडिफाइड राय दी है।
रिस्क और निवेशकों के लिए सीख
हालांकि नतीजे शानदार हैं, लेकिन एक NBFC होने के नाते Arman Financial पर ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और लिक्विडिटी का असर हमेशा बना रहता है। निवेशकों को कंपनी के NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) और क्रेडिट कॉस्ट पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, ताकि यह तय किया जा सके कि यह मुनाफा आगे भी बना रहेगा या नहीं। आने वाले समय में कंपनी के मैनेजमेंट की कमेंट्री और डेट-टू-इक्विटी रेशियो पर ध्यान देना जरूरी होगा।
