Arihant Capital Markets का FY26 का नेट प्रॉफिट गिरकर **₹31.46 करोड़** रह गया है, जबकि पिछले साल यह **₹58.70 करोड़** था। ब्रोकरेज वॉल्यूम में कमी के बावजूद कंपनी ने **50%** डिविडेंड (प्रति शेयर **₹0.50**) देने का ऐलान किया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट **19 सितंबर 2026** तय की गई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी की कुल आय पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹248.01 करोड़ से घटकर इस बार ₹206.39 करोड़ रह गई है। मुनाफे में आई इस गिरावट का मुख्य कारण ब्रोकरेज इनकम में 17% की कमी है, जो अब ₹103.56 करोड़ पर आ गई है। इसका असर बेसिक EPS पर भी पड़ा, जो ₹2.87 रहा। कंपनी की AGM 26 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी।
नई राह: मर्चेंट बैंकिंग और टेक्नोलॉजी
ब्रोकरेज बिजनेस में उतार-चढ़ाव के बीच कंपनी अब नॉन-साइक्लिकल सेगमेंट्स पर दांव लगा रही है। मर्चेंट बैंकिंग रेवेन्यू ₹4.63 करोड़ से उछलकर ₹11.06 करोड़ पर पहुंच गया है, और थर्ड-पार्टी डिस्ट्रीब्यूशन इनकम में भी 19.6% की ग्रोथ देखी गई है, जो ₹6.58 करोड़ रही।
डिजिटल भविष्य की तैयारी
Arihant ने अपने 'ArihantPlus Super App' में Model Context Protocol (MCP) को इंटीग्रेट किया है। यह कदम यूजर्स को सीधे जेनरेटिव AI टूल्स से जोड़ता है, जिससे पोर्टफोलियो एनालिसिस आसान हो गया है। कंपनी का फोकस अब इसी डिजिटल क्रांति के जरिए अपने रेवेन्यू को स्थिर करने पर है।
आगे की चुनौतियां
मैनेजमेंट ने संकेत दिए हैं कि FY27 में भी मार्केट का माहौल चुनौतीपूर्ण रह सकता है। कंपनी का भविष्य अब काफी हद तक IPO पाइपलाइन की सफलता और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के एडॉप्शन रेट पर टिका है। निवेशकों को कंपनी की कॉस्ट कंट्रोल स्ट्रैटेजी पर भी नजर रखनी होगी।
