Arco Leasing में बड़े बदलाव की लहर है। कंपनी ने **1.06 करोड़** शेयर जारी कर पूंजी बढ़ाई है और मालिकाना हक बदलते ही पूरी लीडरशिप टीम को बदल दिया है।
मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव
कंपनी के मालिकाना हक में बदलाव के बाद से ही यहां उथल-पुथल जारी है। 13 अगस्त 2026 को कंपनी ने 10,613,500 इक्विटी शेयर ₹10 प्रति शेयर की दर से अलॉट किए हैं। इसके साथ ही कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल बढ़कर ₹10.85 करोड़ हो गई है। बोर्ड में भी बड़ा बदलाव हुआ है, जहाँ जितेश कोठारी को चेयरमैन बनाया गया है। वहीं, अंशुल शर्मा को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीएफओ (CFO), और अतुल रामशंकर जायसवाल को मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
नई रणनीति की तैयारी
नए मैनेजमेंट ने कंपनी को नई दिशा देने की तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड ने शेयरहोल्डर्स से उधार लेने और निवेश की लिमिट बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ करने की मंजूरी मांगी है, जिससे संकेत मिलता है कि कंपनी भविष्य में अपने ऑपरेशंस का दायरा बढ़ाना चाहती है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks to watch)
हालाँकि कंपनी BSE पर दोबारा ट्रेड करने लगी है, लेकिन फाइनेंशियल सेहत अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। 31 मार्च 2026 तक, कंपनी का नेट वर्थ नेगेटिव ₹99.26 लाख था। इसके अलावा, कंपनी की लायबिलिटीज उसके एसेट्स से ₹316.45 लाख अधिक हैं। ऑडिटर्स ने साफ कर दिया है कि प्रमोटर्स की लगातार मदद के बिना कंपनी का कामकाज जारी रख पाना मुश्किल हो सकता है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों की नजर अब 30 सितंबर 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर है। बाजार यह देखना चाहेगा कि नई लीडरशिप बैलेंस शीट को सुधारने के लिए क्या कदम उठाती है और कंपनी अपने निवेश के नए लक्ष्यों को कैसे हासिल करती है।
