Apoorva Leasing Finance and Investment Company Ltd के स्टैच्यूटरी ऑडिटर M/s Singhal & Gupta ने अपना पद छोड़ दिया है। यह इस्तीफा **4 सितंबर, 2026** से प्रभावी हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
M/s Singhal & Gupta का कार्यकाल 30 सितंबर, 2028 तक निर्धारित था, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय से लगभग 2 साल पहले ही अपना पद छोड़ने का फैसला किया है। ऑडिटर ने इसके पीछे व्यावसायिक कारणों और अपनी प्राथमिकताओं में बदलाव का हवाला दिया है।
निवेशकों के लिए क्यों है यह जरूरी?
आमतौर पर बीच कार्यकाल में ऑडिटर का इस्तीफा निवेशकों के बीच कॉर्पोरेट गवर्नेंस को लेकर चिंता पैदा करता है। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि मैनेजमेंट और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के साथ कोई विवाद नहीं है। ऑडिटर ने भी कन्फर्म किया है कि फाइनेंशियल डेटा या ऑडिट एविडेंस तक पहुंच को लेकर कोई समस्या नहीं थी।
गवर्नेंस और कंप्लायंस
कंपनी ने SEBI के डिस्क्लोजर नियमों का पालन करते हुए इस बदलाव की जानकारी दी है। ऑडिटर ने साफ किया है कि ऑडिट कमिटी के साथ कोई टकराव नहीं हुआ था। इसके अलावा, 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर की फाइनल ऑडिट रिपोर्ट 30 मई, 2026 को ही सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई थी।
अब आगे क्या?
निवेशकों की नजर अब इस बात पर होगी कि कंपनी नया ऑडिटर किसे नियुक्त करती है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक प्रतिष्ठित फर्म का चुनाव कंपनी की मार्केट क्रेडिबिलिटी के लिए बेहद अहम साबित होगा।
