Apollo Micro Systems ने Premier Explosives लिमिटेड (PEL) में **41.33%** प्रमोटर हिस्सेदारी **₹1,550 करोड़** में खरीदने का प्रस्ताव दिया है। इसके बाद कंपनी ओपन ऑफर भी लाएगी। इस स्ट्रैटेजिक कदम का मकसद डिफेंस और स्पेस क्षमताओं को मजबूत करना है।
डिफेंस में Apollo Micro Systems का बड़ा दांव
Apollo Micro Systems ने Premier Explosives Ltd (PEL) के अधिग्रहण की घोषणा की है। कंपनी PEL में प्रमोटरों की 41.33% हिस्सेदारी लगभग ₹1,550 करोड़ में खरीदेगी। यह डील ऑल-कैश बेसिस पर होगी।
क्यों खास है यह डील?
इस अधिग्रहण के बाद, Apollo Micro Systems 1.40 करोड़ शेयर (जो कि 26% हिस्सेदारी के बराबर है) ₹698 प्रति शेयर के भाव पर ओपन ऑफर के जरिए खरीदेगी। इस ओपन ऑफर की कुल वैल्यू ₹976 करोड़ होगी। इस तरह, पूरे सौदे का कुल मूल्य लगभग ₹2,526 करोड़ है। कंपनी को उम्मीद है कि सभी जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल मिलने के बाद यह डील Q3FY27 तक पूरी हो जाएगी।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
यह अधिग्रहण Premier Explosives के लिए एक बड़ा स्ट्रैटेजिक कदम है। इससे कंपनी डिफेंस और स्पेस सेक्टर में ग्रोथ के लिए तैयार होगी। माना जा रहा है कि इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी, ग्राहकों तक पहुंच बढ़ेगी और रिसर्च & डेवलपमेंट क्षमताओं का बेहतर इस्तेमाल होगा। निवेशकों के लिए, यह एक नई दिशा और शेयरहोल्डर वैल्यू बढ़ाने का मौका पेश करता है, भले ही Premier Explosives के हालिया तिमाही नतीजे कमजोर रहे हों।
Premier Explosives के Q1 नतीजे
Premier Explosives ने Q1FY27 में चुनौतीपूर्ण नतीजे पेश किए थे। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 27.8% घटकर ₹1,025.6 मिलियन रहा। EBITDA में 71.9% की भारी गिरावट आई और यह ₹58.8 मिलियन पर आ गया। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) 80.2% गिरकर सिर्फ ₹30.3 मिलियन रह गया। कंपनी मैनेजमेंट ने प्रोजेक्ट में देरी और कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, कंपनी आने वाली तिमाहियों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है।
आगे क्या?
Apollo Micro Systems के इस कदम से Premier Explosives की कॉर्पोरेट संरचना और स्ट्रैटेजिक फोकस में बड़ा बदलाव आएगा। यह इंटीग्रेशन डिफेंस और एयरोस्पेस सप्लाई चेन में एक मजबूत इकाई बनाने का लक्ष्य रखता है। शेयरहोल्डर्स को ओपन ऑफर की शर्तों और इस मर्जर के लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजिक फायदों का मूल्यांकन करना होगा।
जोखिम पर भी रखें नजर
इस डील से जुड़े मुख्य जोखिमों में रेगुलेटरी अप्रूवल का सफल होना, इंटीग्रेशन की चुनौतियां और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसी परिचालन बाधाओं को पार पाना शामिल है। माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के लिए ओपन ऑफर प्राइस एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगा।
मुख्य आंकड़े
- Q1FY27 रेवेन्यू: ₹1,025.6 मिलियन (27.8% YoY गिरावट)
- Q1FY27 PAT: ₹30.3 मिलियन (80.2% YoY गिरावट)
- ऑर्डर बुक (अगस्त 2026): ₹13,930 मिलियन
- अधिग्रहण हिस्सेदारी: 41.33% प्रमोटर होल्डिंग
- कुल डील वैल्यू: ₹1,550 करोड़ (प्रमोटर स्टेक) + ₹976 करोड़ (ओपन ऑफर)
- ओपन ऑफर प्राइस: ₹698/शेयर
- संभावित क्लोजर: Q3FY27
