Apollo Micro Systems ने अपने ₹3,322 करोड़ के प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) के डिटेल्स को लेकर एक बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। कंपनी 2.28 करोड़ शेयर और 5.69 करोड़ वारंट जारी कर रही है, हर एक का भाव ₹416.60 रखा गया है। सबसे खास बात यह है कि प्रमोटर्स ने वारंट्स के ज़रिए ₹1,080 करोड़ का निवेश किया है, जो कंपनी के भविष्य पर उनका भरोसा दिखाता है।
क्या हुआ है?
Apollo Micro Systems ने 6 जुलाई 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग के नतीजों में आई गड़बड़ी को सुधारते हुए एक ज़रूरी स्पष्टीकरण (Corrigendum) जारी किया है। इस अपडेट में कंपनी ने अपने प्रेफरेंशियल इश्यू की सटीक जानकारी दी है। कंपनी कुल 2,28,30,902 इक्विटी शेयर्स और 5,69,15,380 कन्वर्टिबल इक्विटी वारंट्स जारी कर रही है।
इक्विटी शेयर्स के लिए कुल राशि ₹951.14 करोड़ है, जबकि कन्वर्टिबल इक्विटी वारंट्स के लिए यह राशि ₹2371.09 करोड़ है। दोनों का इश्यू प्राइस ₹416.60 प्रति यूनिट तय किया गया है।
यह क्यों ज़रूरी है?
यह प्रेफरेंशियल इश्यू Apollo Micro Systems के लिए एक बड़ी पूंजी जुटाने का जरिया है, जिसकी कुल वैल्यू ₹3,322 करोड़ से ज़्यादा है। इस पैसे से कंपनी अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगी और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाएगी। इस स्पष्टीकरण से निवेशकों को कैपिटल रेज़ (Capital Raise) के साइज़ और शर्तों के बारे में पक्की जानकारी मिल गई है।
प्रमोटर्स का कितना निवेश?
कंपनी के प्रमोटर्स, Chanakya Reddy Baddam और Kanishka Reddy Baddam, ने 1,30,50,000 वारंट्स (प्रत्येक) खरीदे हैं, जो कुल मिलाकर 2.61 करोड़ वारंट्स होते हैं। यह प्रमोटर्स की तरफ से लगभग ₹1,080 करोड़ का बड़ा निवेश है, जो कंपनी की भविष्य की संभावनाओं पर उनके मज़बूत विश्वास को दर्शाता है।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को अब उठाए गए फंड के इस्तेमाल पर नज़र रखनी चाहिए। साथ ही, 12 महीने की समय-सीमा के भीतर वारंट्स का इक्विटी शेयर्स में कन्वर्जन (Conversion) भी देखना महत्वपूर्ण होगा। कंपनी की इस पूंजी का उपयोग करके अपने विकास लक्ष्यों को हासिल करने की क्षमता महत्वपूर्ण साबित होगी।
