Apollo Finvest का बड़ा फैसला: अब 'Apollo Cash' ऐप से होगी डिजिटल लेंडिंग, AGM 17 सितंबर 2026 को

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Apollo Finvest का बड़ा फैसला: अब 'Apollo Cash' ऐप से होगी डिजिटल लेंडिंग, AGM 17 सितंबर 2026 को

Apollo Finvest India Ltd अब 'Apollo Cash' ऐप के ज़रिए पूरी तरह डिजिटल लेंडिंग मॉडल पर शिफ्ट हो रही है। कंपनी ने 17 सितंबर 2026 को होने वाली अपनी 40वीं AGM का ऐलान किया है, जिसमें फाइनेंशियल बदलावों और FY26 की स्ट्रेटेजिक योजनाओं पर बात होगी।

Apollo Finvest का बड़ा कदम

Apollo Finvest (India) Limited ने अपने FY 2025-26 की एनुअल रिपोर्ट में एक बड़े स्ट्रेटेजिक बदलाव का संकेत दिया है। कंपनी अब पूरी तरह से फुल-स्टैक डिजिटल लेंडिंग मॉडल को अपना रही है। इसी के साथ, कंपनी ने अपनी 40वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की घोषणा की है, जो 17 सितंबर 2026 को आयोजित होगी।

फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर एक नज़र (FY26 vs FY25):

  • ग्रॉस टोटल इनकम (Gross Total Income): ₹21.25 करोड़ (FY26) के मुकाबले ₹30.44 करोड़ (FY25) रही।
  • प्रॉफिट बिफोर टैक्स (Profit Before Tax): ₹8.45 करोड़ (FY26) दर्ज किया गया, जो पिछले साल ₹9.79 करोड़ था।
  • प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Profit After Tax): ₹6.95 करोड़ (FY26) रहा, जबकि FY25 में यह ₹7.22 करोड़ था।

क्या हुआ है?

Apollo Finvest ने सीधे ग्राहकों को लोन देने वाली डिजिटल लेंडिंग एप्लीकेशन 'Apollo Cash' को लॉन्च किया है। यह कंपनी के पिछले पार्टनरशिप-आधारित NBFC मॉडल से एक बड़ा बदलाव है। कंपनी शेयरहोल्डर्स से ₹100 करोड़ के NCD (Non-Convertible Debenture) इश्यू करने और डायरेक्टर्स/प्रमोटर्स से ₹40 करोड़ का लोन लेने की मंजूरी मांगेगी।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

इस स्ट्रेटेजिक बदलाव का मकसद कंपनी की रेवेन्यू कैप्चर और कस्टमर लाइफसाइकिल को बेहतर कंट्रोल करना है। कंपनी अब खुद के सोर्सिंग और अंडरराइटिंग मॉडल पर काम करेगी। हालाँकि, इसमें शुरू में खर्च और प्रोविजनिंग बढ़ेगी, लेकिन मैनेजमेंट का मानना है कि इससे लंबे समय में रेवेन्यू में ज़बरदस्त बढ़ोतरी होगी।

क्या है कहानी?

पहले जहाँ Apollo Finvest पार्टनरशिप के ज़रिए काम करती थी, वहीं अब 'Apollo Cash' ऐप को अक्टूबर 2025 में लॉन्च किया गया है। जून 2026 तक, इस ऐप पर 2.36 लाख से ज़्यादा ऑर्गेनिक इंस्टॉल्स हुए और 32,000 लोन बांटे गए, जिनकी कुल वैल्यू ₹12 करोड़ है।

अब क्या बदलेगा?

कंपनी 'Apollo Cash' बिजनेस को बनाने में भारी निवेश कर रही है। इससे आने वाले समय में ऑपरेटिंग खर्च और प्रोविजनिंग बढ़ेगी। इस बदलाव का मतलब है कि Apollo Finvest अब सीधे क्रेडिट रिस्क (Credit Risk) को संभालेगी।

ध्यान रखने योग्य जोखिम (Risks to Watch)

निवेशकों को शॉर्ट-टर्म में मार्जिन में कमी देखने को मिल सकती है, क्योंकि ऑपरेटिंग खर्च और प्रोविजनिंग की ज़रूरतें बढ़ेंगी। इस ग्रोथ फेज के दौरान एसेट क्वालिटी (Asset Quality) को बनाए रखना कंपनी के लिए बेहद ज़रूरी होगा।

साथियों के मुकाबले (Peer Comparison)

आजकल कई फिनटेक (Fintech) और NBFC कंपनियां अपनी पहुंच और कुशलता बढ़ाने के लिए डिजिटल-फर्स्ट लेंडिंग मॉडल अपना रही हैं। Apollo Finvest का यह कदम इसी ट्रेंड के अनुरूप है, लेकिन इसके लिए टेक्नोलॉजी और रिस्क मैनेजमेंट (Risk Management) में बड़े निवेश की ज़रूरत होगी।

महत्वपूर्ण आंकड़े (Context Metrics):

  • 'Apollo Cash' ऐप लॉन्च: अक्टूबर 2025
  • ऐप इंस्टॉल्स (जून 2026): 2.36 लाख ऑर्गेनिक
  • बांटे गए लोन (जून 2026): 32,000
  • बांटी गई कुल राशि (जून 2026): ₹12 करोड़

आगे क्या देखें?

'Apollo Cash' के लोन बुक की ग्रोथ, एसेट क्वालिटी के मैट्रिक्स और बढ़ते खर्चों व प्रोविजनिंग का मुनाफे पर असर, इन सब पर नज़र रखनी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.