Apollo Finvest (India) Ltd ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹1.74 करोड़** से बढ़कर **₹6.45 करोड़** पर पहुंच गया है, वहीं रेवेन्यू में भी तीन गुना की बढ़त दर्ज की गई है।
मुनाफे में बड़ी छलांग
सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹16.79 करोड़ तक पहुंच गया है। कंपनी का कुल लोन बुक ₹62.47 करोड़ (31 मार्च, 2026 तक) से बढ़कर 30 सितंबर तक ₹90.13 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है, जो एग्रेसिव मार्केट विस्तार को दर्शाता है।
को-लेंडिंग (Co-lending) का गणित
कंपनी की ग्रोथ में को-लेंडिंग का अहम योगदान है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी ने ₹36.19 करोड़ का कुल वितरण (Disbursements) किया है। इस सेगमेंट में ग्रॉस आउटस्टैंडिंग ₹41.93 करोड़ है। गौर करने वाली बात यह है कि कंपनी इन को-लेंडिंग एसेट्स पर 38.27% की भारी-भरकम वेटेड एवरेज ब्याज दर वसूल रही है।
निवेशकों के लिए सावधानी
नतीजे तो शानदार हैं, लेकिन 38.27% जैसी ऊंची ब्याज दर यह संकेत देती है कि कंपनी हाई-रिस्क वाले कर्जदारों को लोन दे रही है। लंबे समय के निवेशकों के लिए एसेट क्वालिटी और लोन बुक के विस्तार के साथ-साथ नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) पर नजर रखना बहुत जरूरी होगा।
