Anupam Finserv के सितंबर तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। जहां कंपनी का कुल रेवेन्यू **₹1.92 करोड़** तक पहुंच गया है, वहीं नेट प्रॉफिट गिरकर **₹0.56 करोड़** पर आ गया है। कंपनी ने अपने इंटरनल ऑडिटर्स को बदलने का भी बड़ा ऐलान किया है।
कमाई में बढ़ोतरी, मुनाफे में सुस्ती
सितंबर तिमाही के आंकड़ों पर नजर डालें तो Anupam Finserv की टॉप-लाइन ग्रोथ तो दमदार रही है। कंपनी का टोटल इनकम पिछले साल के ₹1.78 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹1.92 करोड़ हो गया है। हालांकि, मार्जिन पर दबाव के कारण नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹0.90 करोड़ से घटकर ₹0.56 करोड़ पर आ गया है।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर नजर
कंपनी ने 29 अक्टूबर को हुई बोर्ड मीटिंग में अपने इंटरनल ऑडिटर्स में बदलाव की घोषणा की है। मैनेजमेंट के इस फैसले को निवेशक काफी गंभीरता से देख रहे हैं। हालांकि, कंपनी के वैधानिक ऑडिटर्स CGCA & Associates LLP ने अपनी रिपोर्ट में फाइनेंशियल नतीजों को 'Unmodified' (क्लीन) करार दिया है, जो राहत की बात है।
छमाही का हाल (H1 Performance)
कंपनी की पहली छमाही (H1) का प्रदर्शन भी कुछ ऐसा ही रहा है। कुल इनकम ₹3.64 करोड़ रही है, जो पिछले साल ₹2.94 करोड़ थी। लेकिन मुनाफे के मोर्चे पर यहाँ भी दबाव दिखा और यह ₹1.24 करोड़ से फिसलकर ₹1.15 करोड़ रह गया है।
अब निवेशकों की नजरें मैनेजमेंट की अगली कमेंट्री पर टिकी हैं कि आखिर वे बढ़ते खर्चों को कैसे कंट्रोल करेंगे और ऑडिटर्स बदलने के पीछे की असली वजह क्या है।
