Alphalogic Techsys: नए फंड जुटाने की तैयारी! नॉन-प्रमोटर को ₹5.4 करोड़ के वारंट जारी करने की योजना

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AuthorNeha Patil|Published at:
Alphalogic Techsys: नए फंड जुटाने की तैयारी! नॉन-प्रमोटर को ₹5.4 करोड़ के वारंट जारी करने की योजना

Alphalogic Techsys लिमिटेड ने एक बड़ा कदम उठाते हुए नॉन-प्रमोटर कंपनी Vivaro Enterprises Limited को ₹5.40 करोड़ के 18 लाख कन्वर्टिबल वारंट जारी करने का प्रस्ताव रखा है। इस फंड का मुख्य उद्देश्य कंपनी की वर्किंग कैपिटल को मजबूत करना है।

Detailed Coverage

Alphalogic Techsys का ₹5.4 करोड़ का वारंट इश्यू

Alphalogic Techsys लिमिटेड ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया है कि कंपनी ₹5.40 करोड़ जुटाने के लिए 18,00,000 (18 लाख) कनवर्टिबल वारंट्स Vivaro Enterprises Limited को जारी करेगी। हर वारंट की कीमत ₹30 रखी गई है। Vivaro Enterprises Limited एक नॉन-प्रमोटर कंपनी है।

क्या है इस सौदे के मायने?

इस फंड जुटाने की कवायद का सबसे बड़ा मकसद कंपनी के वर्किंग कैपिटल को मजबूत करना है। कंपनी कुल जुटाई गई रकम में से ₹4.185 करोड़ (लगभग 77.50%) इसी के लिए इस्तेमाल करेगी। बाकी बचे ₹1.215 करोड़ का उपयोग कंपनी अपने सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए करेगी।

कंपनी की पिछली स्थिति

Alphalogic Techsys आईटी सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करती है। यह प्रेफरेंशियल इश्यू कंपनी के लिए अपने परिचालन (Operations) और विस्तार (Expansion) के लिए जरूरी फंड हासिल करने की एक रणनीतिक चाल है। इस इश्यू से पहले, कंपनी के पास 6,26,11,245 शेयर्स थे।

शेयरधारकों पर क्या होगा असर?

अगर ये वारंट्स इक्विटी शेयर्स में कन्वर्ट होते हैं, तो कंपनी के कुल शेयर्स की संख्या बढ़कर 6,44,11,245 हो जाएगी। इससे मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी (Shareholding) कम हो जाएगी, यानी इक्विटी डाइल्यूशन होगा। इस प्रक्रिया के लिए कंपनी को शेयरधारकों से मंजूरी लेनी होगी, जिसके लिए 24 जुलाई 2026 से 22 अगस्त 2026 तक पोस्टल बैलेट और रिमोट ई-वोटिंग के जरिए वोटिंग कराई जाएगी।

मुख्य जोखिम

मौजूदा शेयरधारकों को इक्विटी डाइल्यूशन का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, जिस कंपनी को ये वारंट्स जारी किए जा रहे हैं, यानी Vivaro Enterprises Limited, उसे SEBI के नियमों के तहत वारंट्स और उनसे मिलने वाले शेयर्स पर एक निश्चित समय के लिए लॉक-इन पीरियड से गुजरना होगा, जिससे उसकी तुरंत लिक्विडिटी सीमित हो जाएगी।

फंड जुटाने की प्रक्रिया

इस पूरे इश्यू का साइज ₹5.40 करोड़ है। इसमें से 25% यानी ₹1.35 करोड़ का भुगतान तुरंत करना होगा, और बाकी 75% यानी ₹4.05 करोड़ का भुगतान वारंट्स के कन्वर्जन के समय, जो अगले 18 महीनों के भीतर होगा, किया जाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.