Alliance Integrated Metaliks ने अपनी आगामी AGM के एजेंडे में बदलाव किया है। कंपनी बैंकों का बकाया चुकाने के लिए **₹15 करोड़** का अनसिक्योर्ड लोन लेने की तैयारी में है।
कर्ज से मुक्ति की तैयारी
कंपनी अपनी पुरानी देनदारियों को खत्म करने के लिए 'वन-टाइम सेटलमेंट' (OTS) रूट अपना रही है। इसके लिए कंपनी ₹15 करोड़ का अनसिक्योर्ड लोन जुटाने के लिए शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मांगेगी। इस प्रस्ताव को आगामी 37वीं AGM के एजेंडे में 'स्पेशल बिजनेस' के तौर पर शामिल किया गया है, जो 25 सितंबर, 2026 को आयोजित होनी है।
इक्विटी में बदल सकता है कर्ज
इस लोन एग्रीमेंट में एक महत्वपूर्ण क्लॉज जोड़ा गया है, जिसके तहत लेंडर्स के पास इस कर्ज को इक्विटी शेयरों में बदलने का विकल्प होगा। यह व्यवस्था कंपनी को कर्ज पुनर्गठन (Debt-Restructuring) में लचीलापन देगी, लेकिन निवेशकों के लिए इसे समझना जरूरी है।
निवेशकों के लिए रिस्क और फैक्टर्स
- इक्विटी डाइल्यूशन: अगर लेंडर्स अपने लोन को शेयरों में बदलते हैं, तो मौजूदा शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी कम हो सकती है।
- रेगुलेटरी पालन: शेयरों का अलॉटमेंट 'Companies Act, 2013' और 'SEBI ICDR' नियमों के तहत ही किया जाएगा, जिससे प्राइसिंग में पारदर्शिता बनी रहे।
अब निवेशकों की नजरें 25 सितंबर की बैठक पर टिकी हैं कि क्या इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है और लोन की शर्तें फाइनल होने पर शेयर पर इसका क्या असर होगा।
