Alldigi Tech ने प्रति शेयर ₹30 का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) देने का ऐलान किया है। कंपनी ने जून तिमाही में अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में पिछले साल की तुलना में **21%** की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो कि ₹18.12 करोड़ रहा। इस ग्रोथ में ₹12.64 करोड़ के एकमुश्त टैक्स प्रोविजन रिवर्सल का बड़ा योगदान है।
Detailed Coverage
Alldigi Tech का शानदार प्रदर्शन: ₹30 अंतरिम डिविडेंड और प्रॉफिट में 21% की बढ़त
Alldigi Tech के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 21% की वृद्धि दर्ज की है। यह प्रॉफिट बढ़कर ₹18.12 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल यह ₹14.89 करोड़ था। कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में भी 4.4% की मामूली बढ़त देखी गई, जो ₹150.28 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल ₹143.91 करोड़ था।
डिविडेंड और टैक्स का कमाल
इस तिमाही में मुनाफे में आई बड़ी उछाल का एक मुख्य कारण ₹12.64 करोड़ का एकमुश्त टैक्स प्रोविजन रिवर्सल (Tax Provision Reversal) रहा। यह टैक्स प्रोविजन रिवर्सल कुछ असेसमेंट इयर्स (Assessment Years) के लिए वैधानिक समय सीमा समाप्त होने और टैक्स मामलों में अनुकूल परिणामों के कारण संभव हुआ।
कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹30 के अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) की घोषणा भी की है। डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 31 जुलाई, 2026 तय की गई है, और यह 20 अगस्त, 2026 तक भुगतान किए जाने की उम्मीद है।
ऑफिस शिफ्टिंग और आगे की राह
इन वित्तीय नतीजों के अलावा, Alldigi Tech अपने रजिस्टर्ड ऑफिस को चेन्नई के भीतर ही DLF Cyber City, Manapakkam में शिफ्ट कर रही है। यह बदलाव 25 जुलाई, 2026 से प्रभावी होगा, जिसका मुख्य कारण प्रशासनिक सुविधा बताई गई है।
निवेशकों के लिए क्या है अहम?
₹30 का अंतरिम डिविडेंड शेयरधारकों के लिए सीधे मुनाफे का एक जरिया है। प्रॉफिट ग्रोथ, भले ही टैक्स लाभ के कारण बढ़ी हो, कंपनी के ऑपरेशनल स्टेबिलिटी को दर्शाती है। हालांकि, निवेशकों को नए लेबर कोड (Labour Codes) के संभावित असर और सहायक कंपनियों के ऑडिट कवरेज (Auditor Coverage) पर भी नजर रखनी होगी।
जोखिमों पर ध्यान
कंपनी का प्रबंधन आगाह करता है कि नए लेबर कोड से होने वाले वित्तीय प्रभावों पर लगातार निगरानी की जरूरत है। इसके अतिरिक्त, यह तथ्य कि दो सहायक कंपनियों, जिनका रेवेन्यू ₹134.07 करोड़ था, का ऑडिट वैधानिक ऑडिटर के अलावा किसी अन्य ऑडिटर द्वारा किया गया था, निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बिंदु है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को भविष्य की अर्निंग रिपोर्ट्स पर नजर रखनी चाहिए। खासकर, लेबर कोड का मुनाफे पर असर और रजिस्टर्ड ऑफिस में बदलाव के बाद कंपनी के कामकाज की प्रभावशीलता पर ध्यान केंद्रित करना महत्वपूर्ण होगा। 'बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट' (Business Process Management) और 'टेक्नोलॉजी एंड डिजिटल' (Technology & Digital) सेगमेंट में कंपनी के प्रदर्शन पर भी नजर रखना अहम होगा।
