Akme Fintrade के बोर्ड ने **1.3 करोड़** शेयर प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए जारी करने की मंजूरी दे दी है, जिससे कंपनी को **₹7.75 करोड़** की पूंजी मिली है। साथ ही, कंपनी ने अपने अधिकृत पूंजी को **₹60 करोड़** तक बढ़ाया है और उधार लेने की सीमा को **₹1,200 करोड़** तक ले जाने का प्रस्ताव रखा है। ऑडिटर में भी बदलाव किए गए हैं।
Akme Fintrade के बड़े कॉर्पोरेट फैसले
Akme Fintrade (India) Ltd के बोर्ड ने हाल ही में कई अहम वित्तीय और कॉर्पोरेट निर्णयों को मंजूरी दी है। कंपनी ने 1.3 करोड़ इक्विटी शेयर प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए जारी किए हैं, जिससे ₹7.75 करोड़ की पूंजी जुटाई गई है। ये शेयर Pushpa Jugraj Jain को ₹2.50 करोड़ (30,00,000 शेयर) और Stellant Securities (India) Limited को ₹5.25 करोड़ (1,00,00,000 शेयर) में आवंटित किए गए हैं।
इसके अलावा, कंपनी ने अपनी अधिकृत शेयर कैपिटल को ₹50 करोड़ से बढ़ाकर ₹60 करोड़ कर दिया है। बोर्ड ने कंपनी की उधार लेने की शक्ति को भी ₹1,200 करोड़ तक बढ़ाने की सिफारिश की है, जो कि वर्तमान सीमा से काफी अधिक है। हालांकि, इन सभी बदलावों के लिए शेयरधारकों की मंजूरी की आवश्यकता होगी।
ऑडिटर में भी बदलाव किए गए हैं। Ms. Latika Jain ने इंटरनल ऑडिटर के पद से इस्तीफा दे दिया है और Ms. Ankita Jain को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही, M/s. Shyam S. Gupta & Associates को अगले तीन साल के लिए नए स्टेट्यूटरी ऑडिटर के तौर पर नियुक्त करने का प्रस्ताव है, जो M/s. Valawat & Associates की जगह लेंगे।
क्यों है यह अहम?
ये फैसले Akme Fintrade की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और भविष्य की ग्रोथ के लिए तैयार होने की मंशा को दर्शाते हैं। प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट से मिली नई पूंजी कंपनी के इक्विटी बेस को मजबूत करेगी। वहीं, बढ़ी हुई अधिकृत पूंजी और उधार सीमा कंपनी को विस्तार के अवसरों का लाभ उठाने और अपने ऑपरेशंस को संभालने में अधिक वित्तीय लचीलापन प्रदान करेगी।
आगे क्या?
कंपनी के लिए सबसे बड़ा मोड़ 30वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों का फैसला होगा। उधार सीमा और नए स्टेट्यूटरी ऑडिटर की नियुक्ति को मंजूरी मिलना महत्वपूर्ण है। तब तक, ये सभी निर्णय प्रतीक्षारत रहेंगे।
