Akme Fintrade ने सितंबर तिमाही के लिए अपने स्टैंडअलोन नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछली तिमाही के **₹11.56 करोड़** से बढ़कर **₹11.93 करोड़** दर्ज किया गया है।
मुनाफे में मामूली सुधार
सितंबर तिमाही के लिए कंपनी का रेवेन्यू ₹45.51 करोड़ रहा है। निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि कंपनी का बॉटम-लाइन प्रदर्शन स्थिर बना हुआ है। नतीजों की समीक्षा श्याम एस गुप्ता एंड एसोसिएट्स द्वारा की गई है, जिन्होंने इसे 'अनमॉडिफाइड' रिव्यू दिया है।
वारंट कन्वर्जन से पूंजी को मजबूती
कंपनी ने अपने वारंट-टू-इक्विटी कन्वर्जन की जानकारी दी है, जिससे कंपनी की इक्विटी बेस का विस्तार हुआ है। दो चरणों में हुए इस कन्वर्जन से कंपनी को ₹19.43 करोड़ की अतिरिक्त राशि प्राप्त हुई है। इसमें पहले चरण में 11,20,000 वारंट और दूसरे चरण में 1,00,00,000 वारंट का कन्वर्जन शामिल है। इसके अलावा, कंपनी ने अपने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के लिए जरूरी सिक्योरिटी कवर की पुष्टि की है, जो डेट मैनेजमेंट के लिहाज से सकारात्मक संकेत है।
एसेट क्वालिटी पर रखनी होगी नजर
NBFC सेक्टर में काम कर रही इस कंपनी के लिए एसेट क्वालिटी चिंता का विषय बनी हुई है। सितंबर के अंत तक कंपनी का ग्रॉस NPA 2.88% और नेट NPA 1.39% रहा है। हालांकि यह स्तर अभी नियंत्रण में है, लेकिन भविष्य में क्रेडिट एनवायरनमेंट में किसी भी तरह की अस्थिरता मुनाफे पर असर डाल सकती है। निवेशकों को आगे आने वाली तिमाही की रिपोर्टों में लोन बुक की ग्रोथ और NPA मैनेजमेंट पर पैनी नजर रखनी चाहिए।
