Akme Fintrade (India) Ltd ने अपनी कैपिटल बढ़ाने के लिए एक बड़ी योजना तैयार की है। कंपनी के बोर्ड ने **₹300 करोड़** तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने की मंजूरी दे दी है, जिसकी शुरुआत **₹50 करोड़** के पहले चरण से होगी।
फंड जुटाने की पूरी योजना
कंपनी ने फंड जुटाने के लिए प्राइवेट प्लेसमेंट का रास्ता चुना है। बोर्ड ने कुल ₹300 करोड़ की सीमा तय की है, जिसमें से ₹50 करोड़ का पहला ट्रेंच (tranche) तुरंत जारी किया जाएगा। इसे दो हिस्सों में बांटा गया है:
- सीरीज A1: ₹25 करोड़, 24 महीने का टेन्योर।
- सीरीज A2: ₹25 करोड़, 30 महीने का टेन्योर।
इन डिबेंचर्स को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लिस्ट किया जाएगा, जिससे निवेशकों को इसमें पारदर्शिता और लिक्विडिटी की सुविधा मिलेगी।
रिस्क और शर्तें (Covenants)
निवेशकों को इन डिबेंचर्स के साथ जुड़ी शर्तों पर ध्यान देना चाहिए। कंपनी को लोन रिसीवेबल्स के मुकाबले 1.10x का सिक्योरिटी कवर हर हाल में बनाए रखना होगा। अगर कंपनी समय पर भुगतान करने में चूकती है, तो उसे बेस रेट पर 2% सालाना का अतिरिक्त ब्याज पेनल्टी के तौर पर देना होगा। यही नियम सिक्योरिटी क्रिएशन या ट्रस्ट डीड्स में देरी होने पर भी लागू होगा।
आगे की राह
मार्केट की नजर अब इस पर होगी कि बाकी बचे फंड को जुटाने का शेड्यूल क्या रहता है और इन डिबेंचर्स पर कूपन रेट्स (coupon rates) क्या तय किए जाते हैं।
