Ajanta Pharma के प्रमोटर एंटिटी, आयुष अग्रवाल ट्रस्ट (Aayush Agrawal Trust), ने अपने गिरवी रखे शेयरों का पुनर्गठन किया है। ट्रस्ट ने **21.61 लाख** शेयर रिलीज़ किए और NCDs के लिए नई गिरवी रखी। कुल गिरवी रखे गए शेयर कंपनी की **10.83%** कैपिटल पर बने हुए हैं।
Ajanta Pharma में क्या हुआ?
Ajanta Pharma Ltd ने ऐलान किया है कि उनके प्रमोटर एंटिटी, आयुष अग्रवाल ट्रस्ट (Aayush Agrawal Trust), ने 22 जुलाई से 24 जुलाई, 2026 के बीच अपने गिरवी रखे शेयरों का पुनर्गठन किया है। इस दौरान, ट्रस्ट ने 360 One Distribution Services Ltd, Julius Baer Wealth Advisors India Pvt Ltd, HSBC Invest Direct Finance Services (India) Limited, और Deutsche Bank AG जैसे लेंडर्स के पास गिरवी रखे 21,61,067 इक्विटी शेयर वापस ले लिए।
इसके साथ ही, ट्रस्ट ने CTL Trusteeship Ltd को जारी किए गए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) को सुरक्षित करने के लिए उतने ही, यानी 21,61,067 शेयरों पर एक नई गिरवी (pledge) बनाई है। इस कदम से प्रमोटर होल्डिंग के इस हिस्से के लिए फाइनेंसिंग का तरीका पारंपरिक लोन से NCDs में बदल गया है।
क्यों महत्वपूर्ण है ये बदलाव?
यह कदम प्रमोटर की अपनी होल्डिंग के एक हिस्से के लिए फाइनेंसिंग की रणनीति में बदलाव का संकेत देता है। हालांकि इस खास लेन-देन से ट्रस्ट द्वारा गिरवी रखी गई कुल राशि में बढ़ोतरी नहीं हुई है, लेकिन निवेशकों के लिए कुल एनकम्ब्रेंस लेवल (encumbrance level) एक महत्वपूर्ण मीट्रिक है।
प्रमोटर गिरवी का बैकग्राउंड
प्रमोटरों द्वारा शेयर गिरवी रखना Ajanta Pharma के निवेशकों के लिए हमेशा से एक अहम मुद्दा रहा है। आयुष अग्रवाल ट्रस्ट अपनी हिस्सेदारी का एक बड़ा हिस्सा गिरवी रखता आया है।
अब क्या बदलेगा?
गिरवी रखे गए शेयरों द्वारा सुरक्षित किए गए कर्ज की प्रकृति अब सामान्य लोन से बदलकर खास NCDs हो गई है। ट्रस्ट द्वारा गिरवी रखे गए शेयरों की कुल संख्या 1,35,32,924 है, जो कंपनी की कुल शेयर कैपिटल का 10.83% है। यह संख्या इस लेन-देन के बाद भी अपरिवर्तित है।
निवेशकों के लिए जोखिम
प्रमोटर की शेयर होल्डिंग का एक बड़ा हिस्सा, 10.83%, अभी भी गिरवी (encumbered) है। निवेशकों को इस स्तर पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि बाजार में भारी उतार-चढ़ाव या मार्जिन कॉल के दौरान बड़े गिरवी रखने से बिकवाली का दबाव या लिक्विडिटी की समस्या खड़ी हो सकती है।
