Aditya Birla Sun Life AMC के सितंबर तिमाही के नतीजे जारी हो गए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **8%** घटकर **₹221 करोड़** रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह **₹241 करोड़** था।
मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?
कंपनी का रेवेन्यू 4% की बढ़ोतरी के साथ ₹526 करोड़ रहा है। हालांकि, टॉप-लाइन में ग्रोथ के बावजूद कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 6% घटकर ₹296 करोड़ पर आ गया। मुनाफे में आई इस गिरावट की मुख्य वजह बढ़ते कर्मचारी खर्च और ESOP का बोझ है।
AUM में धमाकेदार तेजी
कंपनी का टोटल AUM (Assets Under Management) सालाना आधार पर 140% बढ़कर ₹11.06 लाख करोड़ के विशाल स्तर पर पहुंच गया है। इसमें EPFO और ESIC जैसे संस्थागत (Institutional) फंड्स का बड़ा योगदान है। मैनेजमेंट का मानना है कि इन बड़े मैंडेट्स से भविष्य में रिटेल बिजनेस को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
SIP और भविष्य की चुनौतियां
सितंबर 2026 तक कंपनी की SIP बुक ₹1,094 करोड़ दर्ज की गई है, जो 41.7 लाख एक्टिव खातों द्वारा समर्थित है। हालांकि, निवेशकों को आने वाले 2 सालों तक ESOP खर्चों के कारण ₹55 से ₹60 करोड़ तक के सालाना प्रभाव के लिए तैयार रहना चाहिए। कंपनी अब अपना ध्यान लो-मार्जिन संस्थागत फंड्स से हाई-मार्जिन रिटेल इनफ्लो की ओर शिफ्ट करने पर दे रही है।
