Aditya Birla Capital ने नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए **₹2,335 करोड़** की भारी-भरकम राशि जुटाई है। कंपनी ने इसे चार किश्तों में बांटा है, जिसकी मैच्योरिटी **2029** से **2031** के बीच होगी।
बड़ा फंड जुटाने का मकसद
Aditya Birla Capital ने अपनी फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी को मजबूत करने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने इन सिक्योर, रेटेड और लिस्टेड डिबेंचर्स का अलॉटमेंट 9 सितंबर, 2026 से प्रभावी कर दिया है।
कर्ज का गणित
कंपनी ने इस राशि को चार अलग-अलग ट्रेंच (Tranches) में जारी किया है:
- ट्रेंच 1: ₹1,110 करोड़ (कूपन रेट 8.10%)
- ट्रेंच 2: ₹325 करोड़ (कूपन रेट 7.98%)
- ट्रेंच 3 और 4: प्रत्येक ₹450 करोड़, जो जीरो-कूपन इंस्ट्रूमेंट्स के रूप में जारी किए गए हैं।
ये डिबेंचर्स कंपनी की मौजूदा एसेट्स और रिसीवेबल्स के अगेंस्ट सुरक्षित हैं, जो निवेशकों को सुरक्षा प्रदान करते हैं।
निवेशकों के लिए सावधानी
हालांकि यह पूंजी ग्रोथ के लिए है, लेकिन कंपनी का बढ़ता हुआ कर्ज भविष्य में ब्याज चुकाने के बोझ (Interest Coverage Ratio) पर असर डाल सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर भविष्य में ब्याज दरों में बदलाव होता है, तो कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी मार्जिन्स पर दबाव बढ़ सकता है। शेयरधारकों को अब कंपनी की अगली तिमाही की रिपोर्ट्स पर नजर रखनी चाहिए, जिससे पता चलेगा कि यह फंड लेंडिंग और इंश्योरेंस सब्सिडियरीज में किस तरह इस्तेमाल किया गया है।
