Adani Power: 9 सब्सिडियरी का होगा मर्जर, NCLT ने दी मंजूरी

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AuthorNeha Patil|Published at:
Adani Power: 9 सब्सिडियरी का होगा मर्जर, NCLT ने दी मंजूरी

Adani Power लिमिटेड अपने कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) अहमदाबाद बेंच ने कंपनी की नौ सब्सिडियरी के मर्जर (Amalgamation) की स्कीम को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से कंपनी की पावर एसेट्स में ऑपरेशनल तालमेल और एडमिनिस्ट्रेटिव एफिशिएंसी बढ़ने की उम्मीद है।

Adani Power: 9 सब्सिडियरी का होगा मर्जर, NCLT ने दी मंजूरी

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) अहमदाबाद बेंच ने Adani Power लिमिटेड की नौ पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी के मर्जर (Scheme of Amalgamation) की मंजूरी दे दी है।

इस मर्जर के लिए 'अपॉइंटेड डेट' 1 अप्रैल, 2025 तय की गई है, जबकि इसका ऑर्डर 4 अगस्त, 2026 को जारी किया गया।

क्या हुआ है?

NCLT अहमदाबाद ने Adani Power Limited की नौ सब्सिडियरी - Adani Power Dahej Limited, Kutchh Power Generation Limited, Resurgent Fuel Management Limited, Mahan Fuel Management Limited, Orissa Thermal Energy Limited, Korba Power Limited, Anuppur Thermal Energy (MP) Private Limited, Mirzapur Thermal Energy (UP) Private Limited, और Emberiza Infra Park Limited - के मर्जर की स्कीम को हरी झंडी दे दी है। इस कदम का मकसद Adani Power के स्ट्रक्चर को सुव्यवस्थित करना है।

हालांकि, Vidarbha Industries Power Limited (VIPL) को इस ऑर्डर से बाहर रखा गया है, क्योंकि NCLT मुंबई बेंच में इसकी कार्यवाही अभी जारी है।

यह क्यों मायने रखता है?

यह मर्जर Adani Power की विभिन्न पावर एसेट्स को एक ही, अधिक प्रबंधनीय इकाई में समेकित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कंसॉलिडेशन से ऑपरेशनल तालमेल (Operational Synergy) बढ़ने और एडमिनिस्ट्रेटिव एफिशिएंसी में सुधार होने की उम्मीद है। इससे कंपनी के समग्र प्रदर्शन में सुधार हो सकता है और निवेशकों के लिए फाइनेंशियल रिपोर्टिंग भी सरल हो जाएगी।

बैकस्टोरी

भारतीय पावर सेक्टर में एक प्रमुख कंपनी के तौर पर Adani Power Limited अपने ऑपरेशंस और कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को ऑप्टिमाइज़ करने के लिए लगातार स्ट्रेटेजिक पहल कर रही है। सब्सिडियरी का यह मर्जर एक अधिक एकीकृत और कुशल बिजनेस मॉडल बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

अब क्या बदलेगा?

NCLT की मंजूरी के बाद, नौ सब्सिडियरी Adani Power Limited में विलीन हो जाएंगी। इससे कंपनी का ढांचा अधिक सेंट्रलाइज्ड हो जाएगा, जिससे संभावित रूप से दोहराव कम होगा और लागत दक्षता (Cost Efficiencies) में सुधार होगा। कंपनी अब इन इकाइयों को इंटीग्रेट करने और अपेक्षित तालमेल का लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

ध्यान देने योग्य जोखिम

NCLT कार्यवाही के दौरान इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने मर्जर की टैक्स न्यूट्रैलिटी को लेकर चिंता जताई थी। इसका कारण Adani Power Ltd द्वारा ₹16,359.51 करोड़ (FY 2024-25) का रिपोर्ट किया गया मुनाफा और Resurgent Fuel Management Limited का ₹83.03 करोड़ का नुकसान था। कंपनी ने भले ही स्कीम की टैक्स न्यूट्रैलिटी बनाए रखी हो, लेकिन Adani Power ट्रांसफरर कंपनियों के लिए चल रहे टैक्स असेसमेंट और कंप्लायंस की देनदार बनी रहेगी। NCLT ने इन असेसमेंट्स को पूरा करने और एक साल के भीतर बकाया राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है। बकाया टैक्स डिमांड में Adani Power Ltd के लिए ₹22.95 करोड़ और Korba Power Ltd के लिए ₹7.94 लाख शामिल हैं।

अगले कदम क्या?

निवेशकों को नौ सब्सिडियरी को एकीकृत करने में कंपनी की प्रगति और निर्देशित टैक्स असेसमेंट और कंप्लायंस आवश्यकताओं को समय पर पूरा करने की दिशा में करीब से नजर रखनी चाहिए। Vidarbha Industries Power Limited (VIPL) से संबंधित लंबित मामले का समाधान भी एक महत्वपूर्ण विकास होगा जिस पर ध्यान देना चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.