Abhinav Leasing & Finance Ltd को BSE से **6 करोड़** कन्वर्टिबल शेयर वारंट जारी करने की इन-प्रिंसिपल मंजूरी मिल गई है। ₹**164** के फ्लोर प्राइस पर होने वाला यह अलॉटमेंट कंपनी के फंड जुटाने की योजना के लिए एक बड़ा कदम है।
रेगुलेटरी बाधा पार
Abhinav Leasing & Finance Ltd ने एक महत्वपूर्ण रेगुलेटरी पड़ाव पार कर लिया है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने कंपनी को 6,00,00,000 कन्वर्टिबल शेयर वारंट जारी करने की इन-प्रिंसिपल मंजूरी दे दी है। यह प्रक्रिया नॉन-प्रमोटर एंटिटीज के लिए है, जिसका फ्लोर प्राइस ₹164 प्रति शेयर तय किया गया है। यह मंजूरी 27 अक्टूबर 2026 को दी गई थी, जो SEBI LODR रेगुलेशन के नियम 28(1) के तहत अनिवार्य थी।
क्यों अहम है यह कदम?
यह मंजूरी कंपनी की कैपिटल जुटाने की रणनीति को बल देती है। एक्सचेंज की तरफ से हरी झंडी मिलने का मतलब है कि कंपनी की योजना को शुरुआती स्तर की जांच में सफलता मिल गई है। अब कंपनी अपनी पूंजी को मजबूत करने के लिए नॉन-प्रमोटर भागीदारी के जरिए आगे बढ़ सकती है।
BSE की शर्तें और अनुपालन
BSE ने मंजूरी के साथ कुछ सख्त शर्तें भी रखी हैं:
- कंपनी को सभी एलॉटीज (allottees) से अंडरटेकिंग लेनी होगी कि वे अलॉटमेंट से पहले शेयरों की कोई इंट्रा-डे ट्रेडिंग नहीं करेंगे।
- SEBI ICDR रेगुलेशन के नियम 167(6) का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करना मैनेजमेंट की जिम्मेदारी होगी।
- अलॉटमेंट पूरा होने के बाद कंपनी को तुरंत लिस्टिंग एप्लीकेशन दाखिल करनी होगी।
आगे क्या होगा?
अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इन वारंट्स के अलॉटमेंट की तारीख और संबंधित व्यक्तियों (allottees) की जानकारी कब सार्वजनिक करती है। ध्यान रहे, इन वारंट्स के इक्विटी शेयरों में बदलने से मौजूदा शेयरहोल्डिंग का डाइल्यूशन (dilution) हो सकता है।
