Aavas Financiers Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी का नेट प्रॉफिट **23%** बढ़कर हुआ **₹171 करोड़**

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AuthorMehul Desai|Published at:
Aavas Financiers Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी का नेट प्रॉफिट **23%** बढ़कर हुआ **₹171 करोड़**

Aavas Financiers ने पहली तिमाही में अपने नेट प्रॉफिट में **23%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, जो बढ़कर **₹171 करोड़** हो गया है। कंपनी के नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में **18%** का उछाल आया है, और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) भी सुधरकर **7.70%** पर पहुंच गया है।

Detailed Coverage

Aavas Financiers ने Q1 में पेश किए शानदार नतीजे

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी Aavas Financiers ने हाल ही में अपने पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 23% बढ़कर ₹171 करोड़ रहा। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में आई 18% की बढ़ोतरी का बड़ा हाथ है।

मार्जिन में सुधार और लागत पर नियंत्रण

कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में भी 22 बेसिस पॉइंट का सुधार देखने को मिला है, जो अब 7.70% पर है। मैनेजमेंट का कहना है कि यह बढ़ोतरी बेहतर रिस्क-एडजस्टेड प्राइसिंग और लागत नियंत्रण उपायों का नतीजा है। इससे कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में और मजबूती आई है।

AUM और लोन डिस्बर्समेंट में वृद्धि

पहली तिमाही में कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर ₹23,930 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की तुलना में 15.4% ज़्यादा है। वहीं, लोन डिस्बर्समेंट भी ₹1,610 करोड़ रहा। कंपनी ने ₹1,474 करोड़ का नया उधार 7.74% की दर पर उठाया है, जिससे कुल उधारी ₹20,700 करोड़ हो गई है।

होम लोन पर बढ़ेगा फोकस, उत्पादकता बढ़ाने की योजना

मैनेजमेंट अब होम लोन सेगमेंट में अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने पर ज़ोर दे रहा है। कंपनी का लक्ष्य होम लोन और नॉन-होम लोन का अनुपात 65:35 करना है। इसके लिए, कंपनी अगले दो सालों में अपनी रिसोर्स प्रोडक्टिविटी को दोगुना करके ₹20-22 लाख तक ले जाने की योजना बना रही है।

मार्जिन प्रेशर का भी है अंदेशा

हालांकि, कंपनी को भविष्य में मार्जिन पर दबाव की आशंका है। मैनेजमेंट का मानना है कि लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा और हालिया PLR कट के चलते स्प्रेड 5% से नीचे जा सकते हैं। इसे देखते हुए, कंपनी लागत-आय अनुपात (Cost-to-Income Ratio) में सुधार और उत्पादकता बढ़ाकर इसकी भरपाई करने की कोशिश करेगी। इस तिमाही में कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो 254 बेसिस पॉइंट सुधरकर 43.7% हो गया है।

अन्य महत्वपूर्ण मेट्रिक्स

कंपनी का रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) 25 बेसिस पॉइंट बढ़कर 3.19% और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 78 बेसिस पॉइंट बढ़कर 13.34% हो गया है। वहीं, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 1.11% पर बना हुआ है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.