Aar Shyam India Investment Company में मालिकाना हक बदलने जा रहा है। नए प्रमोटर्स अब कंपनी में **26%** हिस्सेदारी खरीदने के लिए **₹15** प्रति शेयर के भाव पर ओपन ऑफर लेकर आ रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
Turnaround Corporate Advisors के जरिए कंपनी ने एक पब्लिक स्टेटमेंट जारी किया है। नए प्रमोटर्स, जिनमें राधा कृष्णा अवुदारी, सुधा रानी अवुदारी और नागाभयुरू श्रीकांत शामिल हैं, SEBI के नियमों के तहत कंपनी का नियंत्रण अपने हाथ में ले रहे हैं। यह ओपन ऑफर 26% इक्विटी के लिए है, जो कि प्रेफरेंशियल इश्यू के बाद की प्रक्रिया का हिस्सा है।
प्रमोटर्स की रणनीति और हिस्सेदारी
नए प्रमोटर्स कंपनी में कुल 62.54% हिस्सेदारी का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। इसमें 26% का ओपन ऑफर और 45.94% हिस्सेदारी प्रेफरेंशियल इश्यू (1 करोड़ से ज्यादा शेयर) के जरिए हासिल की जाएगी। यह कदम SEBI के टेकओवर रेगुलेशंस के दायरे में आता है क्योंकि हिस्सेदारी का आंकड़ा अनिवार्य डिस्क्लोजर लिमिट को पार कर रहा है।
कंपनी के हालिया फाइनेंशियल आंकड़े
अगर फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की बात करें, तो स्थिति चिंताजनक है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 और 2026 में ₹0 की इनकम दिखाई है। कंपनी हर साल ₹2.78 लाख का नुकसान दर्ज कर रही है, जिसका असर EPS पर भी दिखा है जो (0.12) के स्तर पर बना हुआ है।
जरूरी तारीखें (Schedule)
- डिटेल्ड पब्लिक स्टेटमेंट: 30 अगस्त, 2026
- SEBI के पास ड्राफ्ट जमा करना: 7 सितंबर, 2026
- एलिजिबिलिटी डेट: 22 सितंबर, 2026
- टेंडरिंग पीरियड: 2 अक्टूबर, 2026 से 16 अक्टूबर, 2026 तक
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों को सलाह है कि वे ₹15 के ऑफर प्राइस को कंपनी की हालिया कमाई और लगातार हो रहे नुकसान के साथ तौलें। कंपनी का कोई ऑपरेशनल रेवेन्यू न होना निवेशकों के लिए मुख्य चिंता का विषय है।
