Aanchal Ispat Limited शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मांग रही है ताकि वह अपने प्रमोटर को ₹8.65 करोड़ के 10.55 लाख वारंट जारी कर सके। इस फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से NCLT-approved Resolution Plan के तहत देनदारियों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
क्या हुआ है?
Aanchal Ispat Limited ने अपने प्रमोटर, मिस्टर मुकेश गोयल को प्रीफरेंशियल बेसिस पर 10,55,000 फुली कन्वर्टिबल वारंट जारी करने की घोषणा की है। इस कदम के लिए आगामी एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।
इन वारंट्स के लिए कुल ₹8.65 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। इश्यू प्राइस प्रति वारंट ₹82 तय किया गया है, जिसमें ₹10 फेस वैल्यू और ₹72 का प्रीमियम शामिल है। इस फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी की NCLT-approved Resolution Plan के तहत पेमेंट देनदारियों को पूरा करने के लिए होगा। इसमें से ₹8.53 करोड़ इसी उद्देश्य के लिए आवंटित किए गए हैं, जबकि ₹0.12 करोड़ अलॉटमेंट खर्चों के लिए रखे गए हैं।
यह क्यों मायने रखता है?
Aanchal Ispat के लिए यह प्रीफरेंशियल इश्यू एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि कंपनी सितंबर 2023 में कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में जाने के बाद फिलहाल रिवाइवल फेज में है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 27 मार्च 2025 को रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी। जुटाए गए फंड का उद्देश्य शेयरधारकों के ड्यूज का भुगतान करके और कंपनी की कैपिटल को रीस्ट्रक्चर करके इस प्लान को लागू करना है।
यह कदम प्रमोटर के भरोसे को भी दर्शाता है। इश्यू के बाद मिस्टर मुकेश गोयल की हिस्सेदारी 50.20% से बढ़कर 60.13% होने की उम्मीद है। निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि यह कैपिटल इन्फ्यूजन कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन को स्थिर करने में कैसे मदद करता है।
बैकस्टोरी
कंपनी को सितंबर 2023 में CIRP में एडमिट किया गया था। 27 मार्च 2025 को NCLT द्वारा रेजोल्यूशन प्लान की मंजूरी एक अहम मोड़ था। यह प्रीफरेंशियल इश्यू उस स्वीकृत प्लान को लागू करने के लिए एक सीधा फॉलो-अप है।
अब क्या बदलेगा?
23 जुलाई 2026 को होने वाली EGM में शेयरधारकों की मंजूरी से कैपिटल इन्फ्यूजन को हरी झंडी मिलेगी। प्रमोटर की हिस्सेदारी बढ़ेगी, जो प्रमोटर की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कंपनी को NCLT प्लान के अनुसार डेट सेटलमेंट के लिए आवश्यक फंड प्राप्त होंगे।
जोखिम
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इश्यू प्राइस का 25% अग्रिम भुगतान करना होगा। यदि अलॉटमेंट से 18 महीने की अवधि के भीतर वारंट को इक्विटी शेयरों में कन्वर्ट नहीं किया जाता है, तो यह अग्रिम भुगतान जब्त कर लिया जाएगा। फंडिंग की आवश्यकताएं आंतरिक अनुमानों पर आधारित हैं और इनका स्वतंत्र रूप से मूल्यांकन नहीं किया गया है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को 23 जुलाई 2026 को होने वाले EGM वोट के नतीजों पर करीब से नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, NCLT-approved Resolution Plan के तहत देनदारियों के निपटान के लिए उठाए गए फंड्स के समय पर डिप्लॉयमेंट को ट्रैक करना महत्वपूर्ण होगा।
