Aanchal Ispat ने ₹15 करोड़ तक जुटाने के लिए राइट्स इश्यू (Rights Issue) लाने का ऐलान किया है। यह पैसा NCLT रेजोल्यूशन प्लान (Resolution Plan) के तहत किए गए वादे को पूरा करने के लिए इस्तेमाल होगा। सबसे बड़ी बात, कंपनी ने FY25 में हुए भारी घाटे के बाद FY26 में ₹2.02 करोड़ का मुनाफा कमाया है।
NCLT प्लान को पूरा करने के लिए ₹15 करोड़ का राइट्स इश्यू
Aanchal Ispat Limited ने अपने राइट्स इश्यू (Rights Issue) के लिए ड्राफ्ट लेटर ऑफ ऑफर (Letter of Offer) जारी कर दिया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए ₹15 करोड़ तक की रकम जुटाएगी। इस पैसे का मुख्य उद्देश्य नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा मार्च 2025 में मंजूर किए गए रेजोल्यूशन प्लान (Resolution Plan) की देनदारियों को पूरा करना है। फंड का इस्तेमाल सिक्योर्ड फाइनेंशियल क्रेडिटर्स (Secured Financial Creditors) को भुगतान करने और कंपनी की ऑपरेशनल (Operational) जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
घाटे से मुनाफे में वापसी: FY26 में ₹2.02 करोड़ का प्रॉफिट
यह राइट्स इश्यू Aanchal Ispat के लिए बेहद अहम है क्योंकि यह NCLT-अप्रूव्ड प्लान के तहत कंपनी की वित्तीय स्थिरता की ओर एक कदम दर्शाता है। इसी के साथ, कंपनी ने वित्तीय मोर्चे पर एक बड़ी वापसी की है। वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी ने ₹2.02 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किया है, जो कि वित्तीय वर्ष 2025 के ₹13.40 करोड़ के भारी नुकसान से एक बड़ी उछाल है। प्रति शेयर आय (EPS) भी ₹7.13 रही, जबकि पिछले साल यह ₹(6.43) थी। यह दर्शाता है कि कंपनी ऑपरेशनली सुधर रही है।
रेवेन्यू में गिरावट, पर रिवाइवल के संकेत
कंपनी इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (Insolvency Resolution Process) से गुजरी है, जिसके बाद मार्च 2025 में NCLT ने रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी। FY2026 के नतीजे इसी रीस्ट्रक्चरिंग (Restructuring) के बाद के शुरुआती दौर के हैं। हालांकि, यह ध्यान देने वाली बात है कि FY2026 में कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में 34.65% की बड़ी गिरावट आई, जो पिछले साल के ₹151.13 करोड़ से घटकर ₹98.76 करोड़ रह गया।
आगे क्या?
राइट्स इश्यू कंपनी को तत्काल वित्तीय देनदारियों को पूरा करने के लिए जरूरी पूंजी प्रदान करेगा। FY2026 में दर्ज किया गया मुनाफा कंपनी के लिए एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, कंपनी की क्षमता का उपयोग (Capacity Utilization) अभी भी कम है, जो इसके हावड़ा प्लांट (Howrah Facility) में 35.63% पर है, जबकि इसकी इंस्टॉलड कैपेसिटी (Installed Capacity) 9,000 MT प्रति वर्ष है। FY2026 में कुल उत्पादन 31,714 MT रहा।
जोखिम जिन पर नज़र रखें
कंपनी को भौगोलिक एकाग्रता (Geographical Concentration) का जोखिम है, क्योंकि FY2026 का 98.41% रेवेन्यू अकेले पश्चिम बंगाल से आया है। कंपनी परचेज ऑर्डर (Purchase Order) आधारित मॉडल पर भी काम करती है, जिससे रेवेन्यू की भविष्यवाणी करना मुश्किल हो जाता है। NCLT रेजोल्यूशन प्लान का पालन करना एक महत्वपूर्ण पहलू है, क्योंकि विफलता से कंपनी लिक्विडेशन (Liquidation) में जा सकती है। इसके सिंगल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में कम कैपेसिटी यूटिलाइजेशन (Capacity Utilization) भी एक चिंता का विषय है।
अहम आंकड़े
वित्तीय वर्ष 2026 के अंत तक, Aanchal Ispat का एग्रीगेट कैपेसिटी यूटिलाइजेशन 35.63% था। FY2026 में रेवेन्यू ₹98.76 करोड़ रहा, जो FY2025 के ₹151.13 करोड़ की तुलना में 34.65% कम है। कंपनी ने FY2026 में ₹2.02 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया, जबकि FY2025 में ₹13.40 करोड़ का घाटा था।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को राइट्स इश्यू के सफल समापन और NCLT देनदारियों के लिए फंड के प्रभावी उपयोग पर नज़र रखनी चाहिए। कंपनी की क्षमता उपयोग बढ़ाने, रेवेन्यू की भविष्यवाणी को बेहतर बनाने और रेजोल्यूशन प्लान के अनुपालन को बनाए रखने की क्षमता भविष्य की स्थिरता और विकास के लिए महत्वपूर्ण होगी।
