Aadhar Housing Finance ने FY26 में दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) **₹1,095.49 करोड़** रहा, जो पिछले साल के **₹912.11 करोड़** से काफी ज़्यादा है। वहीं, कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी बढ़कर **₹30,600 करोड़** हो गई है।
Aadhar Housing Finance के FY26 के शानदार नतीजे
कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। स्टैंडअलोन PAT ₹1,095.49 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) के ₹912.11 करोड़ की तुलना में एक बड़ी बढ़ोतरी है। कंसोलिडेटेड PAT भी बढ़कर ₹1,095.88 करोड़ हो गया, जो FY25 में ₹911.83 करोड़ था। कंपनी की कुल आय स्टैंडअलोन आधार पर ₹3,686.54 करोड़ और कंसोलिडेटेड आधार पर ₹3,686.88 करोड़ रही।
कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹30,600 करोड़ तक पहुंच गई। Aadhar Housing Finance ने अपनी एसेट क्वालिटी को भी मजबूत बनाए रखा, जिसमें ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPAs) 1.08% और नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPAs) 0.8% पर थे।
निवेशकों के लिए क्यों है ये अहम?
मुनाफे (PAT) और AUM में यह मजबूत वृद्धि कंपनी के दमदार बिजनेस ग्रोथ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाती है। एसेट क्वालिटी का स्थिर रहना कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ के लिए एक सकारात्मक संकेत है। क्रेडिट रेटिंग में सुधार और ब्लैकस्टोन (Blackstone) से जुड़े एक एंटिटी का प्रमोटर बनना, कंपनी को विश्वसनीयता और मजबूत फाइनेंशियल बैकिंग प्रदान करता है, जो होम लोन फाइनेंसिंग कंपनियों के लिए बहुत ज़रूरी है।
बैकग्राउंड की बात
FY26 के दौरान, BCP Asia II Holdco VII Pte. Ltd., जो ब्लैकस्टोन से जुड़ी है, ने Aadhar Housing Finance में हिस्सेदारी खरीदी और 26 फरवरी, 2026 से कंपनी की प्रमोटर बन गई। यह बदलाव मजबूत इंस्टीट्यूशनल ओनरशिप के साथ एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देता है। कंपनी ने M/s. N. M. Raiji & Co. को तीन साल के लिए अपना नया ज्वाइंट स्टैट्यूटरी ऑडिटर भी नियुक्त किया है।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए ₹9,000 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी हासिल कर ली है। इस पूंजी का इस्तेमाल बिजनेस को और बढ़ाने के लिए किया जाएगा। क्रेडिट रेटिंग का CARE AA+ (Stable) से AA (Stable) में अपग्रेड होना, उधार लेने की लागत को कम करने और कैपिटल मार्केट तक पहुंच को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
ध्यान देने योग्य रिस्क
कंपनी के पॉजिटिव आउटलुक के बावजूद, मैनेजमेंट ने ग्लोबल वोलेटिलिटी, ब्याज दरों की अनिश्चितता और भू-राजनीतिक संघर्षों (जैसे ईरान-इजराइल-यूएसए संघर्ष) को चुनौतीपूर्ण माहौल के रूप में पहचाना है। उधार लेने की लागत में बढ़ोतरी और हाउसिंग सप्लाई की लागत में वृद्धि जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर नज़र रखनी होगी।
आगे क्या देखना है?
निवेशक इस बात पर बारीकी से नज़र रखेंगे कि Aadhar Housing Finance, NCDs के ज़रिए जुटाई गई पूंजी का उपयोग करके ग्रोथ को कितनी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाती है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच कंपनी की उधार लेने की लागतों को मैनेज करने की क्षमता और अपनी AI-लेड रणनीति का निरंतर निष्पादन महत्वपूर्ण होगा।
