AU Small Finance Bank ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक का नेट प्रॉफिट **53%** बढ़कर **₹858 करोड़** के आंकड़े को पार कर गया है, जिसका बड़ा कारण लोन ग्रोथ और एसेट क्वालिटी में आया सुधार है।
मुनाफे में बड़ी छलांग
बैंक के मुनाफे में यह बढ़त काफी प्रभावशाली है। पिछले साल की समान अवधि में बैंक का मुनाफा ₹561 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹858 करोड़ हो गया है। बैंक का कोर PPoP भी 31% की ग्रोथ के साथ ₹1,480 करोड़ पर पहुंच गया है। सबसे खास बात यह रही कि बैंक का 'Wheels' लोन बुक ₹50,000 करोड़ के स्तर को पार कर गया है।
मजबूती के संकेत
बैंक की परफॉर्मेंस के अन्य प्रमुख मानकों पर नजर डालें तो रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) बढ़कर 1.7% और रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 16.1% पर पहुंच गई है। विस्तार की रणनीति के तहत, बैंक ने इस तिमाही में 45 नई डिपॉजिट ब्रांच और 100 से ज्यादा एसेट सेंटर जोड़े हैं।
एसेट क्वालिटी और डिपॉजिट
बैंक की एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है। GNPA रेशियो में सालाना आधार पर 42 बेसिस पॉइंट्स का सुधार आया है और यह 1.99% पर है। इसके साथ ही, डिपॉजिट ग्रोथ 29% (YoY) रही और CASA रेशियो बढ़कर 29.5% हो गया है।
निवेशक क्या ध्यान रखें?
नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में तिमाही-दर-तिमाही 9 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट देखी गई है। मैनेजमेंट के अनुसार, इसका मुख्य कारण टेक्नोलॉजी और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में किया गया निवेश है। भविष्य में रेगुलेटरी बदलावों के चलते फीस इनकम पर क्या असर पड़ता है, इस पर निवेशकों को नजर रखनी होगी। आने वाले समय में AI-आधारित लोन प्रक्रिया बैंक की परिचालन कुशलता (Operational Efficiency) तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
