ARSS Infrastructure Share Price: प्रमोटर से ₹250 करोड़ जुटाएगी कंपनी, कर्ज चुकाने की तैयारी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
ARSS Infrastructure Share Price: प्रमोटर से ₹250 करोड़ जुटाएगी कंपनी, कर्ज चुकाने की तैयारी

ARSS Infrastructure Projects ने अपने प्रमोटर Ocean Capital Market Limited को प्रेफरेंस शेयर जारी कर ₹250 करोड़ जुटाने का प्लान बनाया है। इसके लिए कंपनी शेयरधारकों से मंजूरी मांग रही है ताकि मौजूदा कर्ज को चुकाया जा सके।

ARSS Infrastructure का बड़ा कदम: प्रमोटर से ₹250 करोड़ जुटाएगी कंपनी

ARSS Infrastructure Projects लिमिटेड ने अपने प्रमोटर, Ocean Capital Market Limited (OCML) को नॉन-क्यूमुलेटिव नॉन-कन्वर्टिबल रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर (NCRPS) जारी करके ₹250 करोड़ जुटाने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए शेयरधारकों के बीच पोस्टल बैलट के माध्यम से वोटिंग कराई जाएगी। इन पैसों का इस्तेमाल कंपनी अपने मौजूदा कर्ज को चुकाने या उसका प्री-पेमेंट करने के लिए करेगी।

क्यों अहम है यह फैसला?

यह सौदा एक 'मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन' (RPT) माना जा रहा है, क्योंकि ₹250 करोड़ की यह राशि कंपनी की ₹14.58 करोड़ की मटेरियल थ्रेशोल्ड लिमिट से काफी ज्यादा है। जिस कर्ज को चुकाने की योजना है, वह ₹257.10 करोड़ का है और यह OCML पर बकाया है (31 मार्च 2026 तक)। इस कदम का मकसद कंपनी के कैपिटल स्ट्रक्चर को मजबूत करना और कर्ज का बोझ कम करना है।

बढ़ी हुई ऑथराइज्ड कैपिटल

कंपनी ने अपनी ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹110 करोड़ से बढ़ाकर ₹500 करोड़ करने का भी प्रस्ताव दिया है। इससे भविष्य में फंड जुटाने में आसानी होगी।

क्या होंगे शर्तें?

अगर शेयरधारक मंजूरी देते हैं, तो OCML से मिले ₹250 करोड़ का इस्तेमाल मौजूदा कर्ज को कम करने में होगा। प्रेफरेंस शेयर्स पर 0.01% सालाना डिविडेंड (Dividend) मिलेगा, इनकी अवधि 22 महीने की होगी और इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (IRR) 12% प्रति वर्ष होगा। ये प्रेफरेंस शेयर्स अनसिक्योर्ड (Unsecured) होंगे।

निवेशकों के लिए खास बातें

शेयरधारकों को प्रेफरेंस शेयर्स की शर्तों, खासकर 12% के IRR पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। चूंकि यह एक मटेरियल RPT है, SEBI के नियमों के अनुसार, संबंधित पार्टियों को इस प्रस्ताव पर वोटिंग से दूर रहना होगा।

आगे क्या?

निवेशकों को पोस्टल बैलट के नतीजों पर पैनी नजर रखनी चाहिए। साथ ही, यह देखना होगा कि कंपनी जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कर्ज घटाने में कैसे करती है और उसकी वित्तीय स्थिति कितनी सुधरती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.