AJEL Ltd ने अपनी 32वीं एनुअल रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कंपनी के गंभीर वित्तीय संकट का खुलासा हुआ है। Bank of Maharashtra ने कंपनी के लोन को NPA घोषित कर दिया है, वहीं ऑडिटर्स ने फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर 'डिस्क्लेमर ऑफ ओपिनियन' जारी किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नज़र
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की अपनी रिपोर्ट में ग्रॉस रेवेन्यू ₹396.83 लाख दर्ज किया, जो पिछले साल ₹388.51 लाख था। हालांकि घाटा कम हुआ है, लेकिन नेट लॉस अब भी ₹82.79 लाख बना हुआ है, जो पिछले साल ₹136.52 लाख था।
क्यों गंभीर है यह मामला?
Bank of Maharashtra ने कंपनी की ₹5 करोड़ की क्रेडिट फैसिलिटी को 8 अक्टूबर 2024 से NPA की श्रेणी में डाल दिया है। इसके साथ ही, स्टैच्यूटरी ऑडिटर ने 'डिस्क्लेमर ऑफ ओपिनियन' जारी किया है, जिसका मतलब है कि ऑडिटर्स को कंपनी के ट्रेड पेबल्स, रिसीवेबल्स और ₹85.96 लाख के लॉन्ग-टर्म लोन जैसे आंकड़ों की पुष्टि करने में विफलता मिली है। यह संकेत है कि फाइनेंशियल डेटा पूरी तरह विश्वसनीय नहीं है।
रेगुलेटरी और ऑपरेशनल चुनौतियां
कंपनी के सामने सिर्फ बैंक का संकट ही नहीं, बल्कि रेगुलेटरी मुश्किलें भी हैं। BSE ने SEBI (LODR) नियमों के उल्लंघन को लेकर कंपनी को नोटिस जारी किया था। इसके अलावा, बोर्ड लेवल पर भी काफी अस्थिरता देखी गई है, जहां लगातार इस्तीफे और नियुक्तियां हुई हैं। ऑडिटर्स ने साफ कहा है कि ये स्थितियां कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (कामकाज जारी रखने) की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
