3i Infotech ने अपने पुराने टैक्स विवादों को सुलझा लिया है। कंपनी ने सरकार की 'Direct Tax Vivad Se Vishwas Scheme, 2024' का उपयोग करते हुए **₹775.05 करोड़** से जुड़े 4 सालों (2012-2017) के कानूनी मामलों को बंद कर दिया है, जिससे निवेशकों पर छाया एक बड़ा अनिश्चितता का साया हट गया है।
कानूनी अनिश्चितता का अंत
3i Infotech ने उन लंबे समय से चल रहे कानूनी टैक्स विवादों को आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया है, जो 2012-13, 2013-14, 2014-15 और 2016-17 के असेसमेंट इयर्स से संबंधित थे। कंपनी ने 22 अक्टूबर, 2026 को अपनी अपील वापस लेने का आवेदन दिया था, जिसके बाद 26 अक्टूबर, 2026 को इनकम टैक्स कमिश्नर (अपील्स) ने लंबित अपीलों को खारिज करने का आदेश जारी कर दिया।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
यह सेटलमेंट एक दशक से अधिक समय से कंपनी के सिर पर लटकी तलवार को हटाने जैसा है। इस सरकारी एम्नेस्टी स्कीम का लाभ उठाने से कंपनी न केवल भविष्य के कानूनी खर्चों और कोर्ट के चक्करों से बच गई है, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि टैक्स अथॉरिटी ने इस मामले में कंपनी के खिलाफ कोई विपरीत फैसला नहीं दिया है। यह एक प्रशासनिक समाधान (Administrative Closure) है, न कि कोई न्यायिक हार।
आगे क्या ध्यान रखें?
भले ही इन वर्षों के विवाद सुलझ गए हों, लेकिन निवेशकों को कंपनी की ओवरऑल टैक्स कंप्लायंस और भविष्य में किसी भी संभावित विवाद पर नजर रखनी चाहिए। हालांकि इस सेटलमेंट के तहत कुछ वित्तीय आउटगो जरूर होगा, लेकिन इसने कंपनी की बैलेंस शीट से 'कंटिंजेंट लायबिलिटी' (Contingent Liabilities) को हटाकर स्पष्टता ला दी है। अब शेयरधारकों को इस घटना के प्रभाव को कंपनी की आने वाली तिमाही के नतीजों और कैश फ्लो डेटा में देखना चाहिए।
