Zelio E-Mobility ने हरियाणा के हिसार में अपने नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। **₹20 करोड़** से अधिक के निवेश वाली इस यूनिट से कंपनी की सालाना क्षमता में **72,000 यूनिट्स** का इजाफा होगा।
प्लांट का विस्तार और निवेश
कंपनी ने हिसार के पाटन में इस नई फैसिलिटी के लिए ₹20 करोड़ से ज्यादा का निवेश किया है। इस प्लांट की मदद से 48,000 टू-व्हीलर्स और 24,000 थ्री-व्हीलर्स का सालाना प्रोडक्शन किया जा सकेगा। यह विस्तार कंपनी ने अपने IPO और इंटरनल एक्रूअल्स (internal accruals) के जरिए फंड किया है।
क्यों है यह स्ट्रैटेजिक कदम?
इस नए प्लांट के जरिए Zelio अपनी सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स को और मजबूत बनाना चाहती है। कंपनी का लक्ष्य बैकवर्ड इंटीग्रेशन को बढ़ाना है, ताकि लंबे समय में ऑपरेटिंग मार्जिन और बिजनेस लेवरेज में सुधार किया जा सके।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
हालांकि क्षमता विस्तार अच्छी खबर है, लेकिन आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च 2026 तक कंपनी का कैपेसिटी यूटिलाइजेशन रेट सिर्फ 40% ही था। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि कंपनी इस नई बढ़ी हुई क्षमता का इस्तेमाल कितनी तेजी से कर पाती है। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी अपनी प्रोडक्शन एफिशिएंसी को कैसे बनाए रखती है।
