Zelio E-Mobility Ltd के शेयरधारकों ने कंपनी की 5वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में बड़ा फैसला लेते हुए कर्ज लेने की सीमा को बढ़ाकर **₹1,000 करोड़** करने की मंजूरी दे दी है।
विस्तार की ओर कदम
अपनी 5वीं एनुअल जनरल मीटिंग में कंपनी ने कुल 9 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई है। कर्ज लेने की सीमा को बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ करना कंपनी के भविष्य के एक्सपेंशन प्लान और कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। इससे कंपनी की लिक्विडिटी में सुधार होगा और बिजनेस ऑपरेशंस में लचीलापन आएगा।
गवर्नेंस और मैनेजमेंट में बदलाव
मीटिंग में केवल कर्ज की सीमा ही नहीं, बल्कि कंपनी के कामकाज को सुव्यवस्थित करने के लिए एसेट डिस्पोजल और लीज अंडरटेकिंग्स जैसे मामलों में भी मैनेजमेंट को अधिक अधिकार दिए गए हैं। साथ ही, कंपनी के लीडरशिप टीम की सैलरी में बदलाव को भी मंजूरी मिली है, जिसमें चेयरमैन नीरज आर्या, होल टाइम डायरेक्टर दीपक आर्या और मैनेजिंग डायरेक्टर कुणाल आर्या शामिल हैं।
आगे क्या होगा?
कंपनी ने सेक्रेटेरियल ऑडिटर के रूप में Jagsir Singh & Associates को अगले 5 वर्षों के लिए फिर से नियुक्त किया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इस नई पूंजी का इस्तेमाल किन प्रोजेक्ट्स में करती है और भविष्य में प्रोडक्शन क्षमता को बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
