Zelio E-Mobility ने अपने फाइनेंशियल विस्तार का खाका तैयार कर लिया है। कंपनी अब कर्ज लेने, निवेश करने और एसेट डिस्पोजल की लिमिट को बढ़ाकर **₹1,000 करोड़** करने जा रही है, जिस पर शेयरहोल्डर्स की मुहर लगना बाकी है।
बड़ा वित्तीय बदलाव
Zelio E-Mobility के बोर्ड ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक की है, जिसमें कंपनी ने अपनी वित्तीय क्षमताओं को विस्तार देने का फैसला लिया है। कंपनी अब ₹1,000 करोड़ की सीलिंग (Ceiling) तय करना चाहती है, जो तीन मुख्य क्षेत्रों के लिए होगी: कुल कर्ज लेने की क्षमता, कंपनी के उपक्रमों को बेचने का अधिकार, और लोन, गारंटी व निवेश की सुविधा। इन फैसलों का उद्देश्य मैनेजमेंट को अधिक ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी (Operational Flexibility) प्रदान करना है।
नेतृत्व और प्रबंधन (Governance Update)
कंपनी ने कुणाल आर्य (Kunal Arya) को फिर से मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नियुक्त किया है। साथ ही, चेयरमैन और होल टाइम डायरेक्टर नीरज आर्य (Niraj Arya) और होल टाइम डायरेक्टर दीपक आर्य (Deepak Arya) के वेतन में बदलाव का प्रस्ताव भी रखा गया है। कंपनी ने सेक्रेटेरियल ऑडिटर के रूप में Jagsir Singh & Associates को अगले 5 साल (साल 2031 तक) के लिए नियुक्त किया है।
क्या है आगे का रास्ता?
कंपनी की 5वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की जाएगी। ई-वोटिंग के लिए कट-ऑफ डेट 23 सितंबर, 2026 रखी गई है। निवेशकों को इस AGM के नतीजों पर पैनी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि वित्तीय सीमाओं और एग्जीक्यूटिव पे (Executive Pay) में बदलाव कंपनी की भविष्य की ग्रोथ स्ट्रेटेजी को तय करेंगे।
