Uno Minda ने अपने मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए **₹1,415 करोड़** के भारी-भरकम निवेश का ऐलान किया है। कंपनी हरियाणा, तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र में नए प्लांट लगाएगी, जिसके लिए **₹1,100 करोड़** तक का कर्ज जुटाने की तैयारी है।
बड़े निवेश का रोडमैप
ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली दिग्गज कंपनी Uno Minda अपने बिजनेस को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी कर रही है। बोर्ड ने ₹1,415 करोड़ के कुल कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को हरी झंडी दे दी है। इस फंड को जुटाने के लिए कंपनी ₹600 करोड़ के नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) और ₹500 करोड़ की कमर्शियल पेपर फैसिलिटी का इस्तेमाल करेगी।
कहां और कितना निवेश?
यह निवेश चार प्रमुख राज्यों में बंटा है:
- महाराष्ट्र (छत्रपति संभाजीनगर): यहाँ ₹670 करोड़ की लागत से Toyoda Gosei South India (TGSIN) के तहत एयरबैग्स और इंटीरियर कंपोनेंट्स का नया प्लांट लगेगा।
- तमिलनाडु (होसुर): कास्टिंग डिवीजन के लिए ₹510 करोड़ का निवेश होगा।
- हरियाणा (खरखौदा): ₹155 करोड़ से टू-व्हीलर अलॉय व्हील का नया प्लांट बनेगा, जिसकी सालाना क्षमता 33 लाख यूनिट्स होगी।
- कर्नाटक (बेंगलुरु): Uno Minda Kyoraku प्लांट के विस्तार पर ₹80 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
निवेशकों के लिए क्यों है जरूरी?
यह कदम ऑटो सेक्टर की बढ़ती डिमांड को भुनाने की रणनीति है। TGSIN में निवेश कंपनी के पोर्टफोलियो में सेफ्टी प्रोडक्ट्स की मौजूदगी को मजबूत करेगा। हालांकि, निवेशकों को इस पर भी नजर रखनी होगी कि इतनी बड़ी उधारी से बैलेंस शीट पर ब्याज का कितना दबाव बनता है। होसुर प्लांट का कंसोलिडेशन FY 2029 की पहली तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है, जिस पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।
