Tolins Tyres के FY26 नतीजों में मिली-जुली तस्वीर दिखी है। कंपनी का रेवेन्यू **11.86%** बढ़कर **₹3,271.19 मिलियन** रहा, लेकिन कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और लॉजिस्टिक खर्चों के कारण नेट प्रॉफिट **7.75%** गिरकर **₹356.86 मिलियन** पर आ गया है।
मुनाफे में गिरावट की बड़ी वजह
कंपनी के सालाना नतीजों में टॉप-लाइन ग्रोथ तो दिखी, लेकिन बॉटम-लाइन पर काफी दबाव रहा। EBITDA में 14.28% की गिरावट दर्ज की गई है, जो ₹477.97 मिलियन रह गया है। सबसे चिंताजनक बात मार्जिन में आई कमी है, जो पिछले साल के 19.07% से घटकर इस बार 14.61% रह गई है। निवेशकों के लिए एक और अपडेट यह है कि कंपनी ने इस साल किसी भी तरह के डिविडेंड की घोषणा नहीं की है।
कारोबार और ऑपरेशंस पर असर
मैनेजमेंट ने साफ किया है कि नेचुरल रबर की कीमतों में उतार-चढ़ाव और फ्रेट चार्जेज बढ़ने का सीधा असर मार्जिन पर पड़ा है। हालांकि, इन चुनौतियों के बीच भी कंपनी ने टायर, रिट्रेड प्रोडक्ट्स और एक्सपोर्ट सेगमेंट में वॉल्यूम ग्रोथ बनाए रखी है।
कंपनी के नए कदम और भविष्य की राह
कंपनी ने अपनी कॉस्ट एफिशिएंसी सुधारने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं:
- Terra Rubber: वेस्ट टायर्स से रबर निकालने के लिए नई फैसिलिटी शुरू की गई है।
- डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क: गुजरात में नए डिपो के जरिए पश्चिमी भारत में अपनी पकड़ मजबूत की है।
- नया कॉन्ट्रैक्ट: IRT रेट कॉन्ट्रैक्ट मिलने से रिट्रेडिंग मटेरियल बिजनेस को बूस्ट मिलने की उम्मीद है।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या FY27 में कंपनी बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और ऑपरेशनल सुधारों के जरिए अपने मार्जिन को फिर से पटरी पर ला पाती है या नहीं।
