Tirupati Fincorp ने FY26 में **₹5.76 करोड़** का भारी नुकसान दर्ज किया है। RBI के आदेश के बाद कंपनी ने अपनी NBFC सर्विस बंद कर दी है और अब EV मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उतरने का फैसला लिया है।
बिगड़ती वित्तीय सेहत
कंपनी के हालिया फाइनेंशियल ईयर (FY26) के आंकड़े काफी चिंताजनक हैं। कंपनी का रेवेन्यू घटकर ₹25.13 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल ₹110.70 करोड़ था। इसके साथ ही नेट वर्थ ₹5.86 करोड़ से गिरकर मात्र ₹0.13 करोड़ पर आ गई है।
क्यों हुआ यह बदलाव?
RBI ने 19 जून 2025 को कंपनी का नया NBFC लाइसेंस देने से मना कर दिया था, जिसके बाद कंपनी ने लेंडिंग का काम पूरी तरह बंद कर दिया है। अब कंपनी इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड व्हीकल्स के डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग में हाथ आजमाएगी।
ऑडिटर की कड़ी चेतावनी
कंपनी के सामने मुश्किलें कम नहीं हैं। स्टेट्यूटरी ऑडिटर ने 'डिस्क्लेमर ऑफ ओपिनियन' जारी किया है। ऑडिटर का कहना है कि लोन डिस्बर्समेंट और इंटरेस्ट कैलकुलेशन में भारी गड़बड़ियां हैं और इंटरनल कंट्रोल पूरी तरह फेल हो चुका है।
निवेशकों के लिए खतरे की घंटी
फिलहाल कंपनी के शेयर BSE पर सस्पेंड हैं। नई मैनेजमेंट टीम में 6 अगस्त 2026 से राजेश शांतिलाल वखारिया को CEO और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया है। कंपनी ने अपना रजिस्टर्ड ऑफिस राजस्थान से मुंबई शिफ्ट करने का भी प्रस्ताव रखा है, ताकि काम में तेजी लाई जा सके।
