Tata Motors ने दूसरी तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू **42%** बढ़कर **₹23,900 करोड़** पहुंच गया है, जबकि फ्री कैश फ्लो **₹4,600 करोड़** रहा है।
मुनाफे के मोर्चे पर Tata Motors
कंपनी ने शानदार ऑपरेशनल परफॉर्मेंस दिखाई है। स्टैंडअलोन EBITDA 31% बढ़कर ₹2,800 करोड़ रहा है, जबकि कंसोलिडेटेड PBT ₹1,800 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले साल के घाटे से एक बड़ी रिकवरी है। कंपनी का फ्री कैश फ्लो पिछले साल के ₹2,210 करोड़ के मुकाबले इस बार ₹4,600 करोड़ रहा, जो कंपनी की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
कमोडिटी की मार और मार्जिन पर दबाव
मजबूत आंकड़ों के बावजूद, स्टील और रबर जैसी कमोडिटी की कीमतों में उछाल ने कंपनी के मार्जिन पर 540 bps का असर डाला है। हालांकि, कंपनी ने कीमतों में बढ़ोतरी और बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट के जरिए इस असर को काफी हद तक संतुलित करने की कोशिश की है। प्रबंधन का मानना है कि तीसरी तिमाही में कमोडिटी की कीमतों से 150-200 bps का और दबाव पड़ सकता है।
IVECO डील और फ्यूचर आउटलुक
निवेशकों की नजरें अब 30 अक्टूबर, 2026 को होने वाली IVECO ट्रांजैक्शन की सेटलमेंट पर हैं, जहां ऑफर प्राइस EUR 14.40 तय है। सप्लाई चेन की बाधाएं अभी भी चुनौती बनी हुई हैं, खास तौर पर EV एग्रीगेट्स की कमी को लेकर। कंपनी को उम्मीद है कि तीसरी तिमाही में ग्रोथ की रफ्तार मध्यम बनी रह सकती है, जिसका मुख्य कारण पिछले साल का हाई बेस इफेक्ट है।
