Tata Motors ने Q1 FY27 में 9.3% की सालाना बढ़ोतरी के साथ ₹95,799 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जिसका मुख्य कारण घरेलू पैसेंजर व्हीकल (PV) बिजनेस रहा। हालांकि, सप्लाई चेन की दिक्कतों के चलते JLR का रेवेन्यू 9.6% गिर गया।
Tata Motors ने Q1 FY27 में मजबूती दिखाई
Tata Motors ने Q1 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 9.3% बढ़कर ₹95,799 करोड़ रहा। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले एक अच्छी बढ़ोतरी है।
घरेलू कारोबार की चमक, JLR पर दबाव
कंपनी के घरेलू पैसेंजर व्हीकल (PV) बिजनेस ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस सेगमेंट का रेवेन्यू 64.8% बढ़कर ₹17,930 करोड़ हो गया। वहीं, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) वॉल्यूम में 112% की जबरदस्त उछाल देखी गई। लेकिन, Jaguar Land Rover (JLR) की तरफ से थोड़ी चिंताजनक खबर आई है। सप्लाई चेन की दिक्कतों और मॉडल ट्रांजिशन के चलते JLR का रेवेन्यू 9.6% घटकर £6.0 बिलियन रह गया।
मार्जिन और प्रॉफिट पर असर
कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन 7.4% रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 130 बेसिस पॉइंट कम है। कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (एक्सेप्शनल आइटम्स से पहले) ₹1,606 करोड़ रहा।
आगे क्या उम्मीदें?
Tata Motors अब नए मॉडल लॉन्च, खासकर रेंज रोवर और जैगुआर के इलेक्ट्रिक वेरिएंट्स पर दांव लगा रही है। कंपनी को उम्मीद है कि वह मौजूदा सप्लाई चेन की समस्याओं को दूर कर लेगी। घरेलू बाजार में ग्रोथ बनाए रखना और मार्जिन में सुधार करना कंपनी के लिए आगे महत्वपूर्ण होगा।
जोखिम क्या हैं?
JLR के लिए सप्लाई चेन की दिक्कतें, जैसे कि एक सप्लायर के यहां आग लगना और मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक घटनाएं, एक बड़ा जोखिम बनी हुई हैं। कमोडिटी की ऊंची कीमतें और विदेशी मुद्रा की अस्थिरता भी मार्जिन पर दबाव डाल सकती हैं। नए मॉडलों की सफलता, खासकर इलेक्ट्रिक वेरिएंट्स की, भविष्य की कमाई के लिए अहम होगी।
