Tata Motors ने Iveco Group N.V. के लिए अपना वॉलंटरी टेंडर ऑफर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। कंपनी ने **€14.4** प्रति शेयर के भाव पर **89.42%** हिस्सेदारी हासिल कर ली है, जो ग्लोबल कमर्शियल व्हीकल मार्केट में टाटा मोटर्स के लिए एक बड़ा विस्तार है।
ग्लोबल मार्केट में टाटा की धाक
टाटा मोटर्स ने अपनी सहायक कंपनी TML CV Holdings B.V. के जरिए इस अधिग्रहण को पूरा किया है। 30 अक्टूबर, 2026 को सेटलमेंट पूरा होने के बाद, अब कंपनी के पास 89.42% कॉमन शेयर कैपिटल का मालिकाना हक आ गया है। इस डील की खास बात यह है कि कंपनी ने अब 2 नवंबर से 6 नवंबर, 2026 तक बचे हुए शेयर्स के लिए टेंडर ऑफर दोबारा खोलने का फैसला किया है, जिसका फाइनल सेटलमेंट 13 नवंबर तक पूरा होने की उम्मीद है।
क्यों अहम है यह डील?
यह अधिग्रहण टाटा मोटर्स के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। Iveco Group के पास दुनिया भर में 22 R&D सेंटर्स और 16 इंडस्ट्रियल साइट्स का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर है। इससे टाटा मोटर्स को न केवल एडवांस ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी तक पहुंच मिलेगी, बल्कि यूरोपियन और ग्लोबल बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने का भी मौका मिलेगा।
बोर्ड में बड़े बदलाव
अधिग्रहण के साथ ही मैनेजमेंट में भी बदलाव किए गए हैं। टाटा मोटर्स के चेयरमैन N. Chandrasekaran को Iveco Group का चेयरपर्सन और सीनियर नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, Olof Persson CEO के पद पर बने रहेंगे, जिससे कंपनी के ऑपरेशनल काम में निरंतरता बनी रहेगी।
आगे क्या होगा?
निवेशकों की नजर अब 3 नवंबर, 2026 पर टिकी है, जब Iveco Group अपने तिमाही नतीजे जारी करेगा। इसके साथ ही, मार्केट इस बात पर भी गौर करेगा कि टाटा मोटर्स कैसे 33,000 कर्मचारियों की वर्कफोर्स को मैनेज करती है और बचे हुए माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के लिए 'स्क्वीज़-आउट' (squeeze-out) प्रक्रिया कैसे पूरी करती है।
