ऑटो-कंपोनेंट बनाने वाली दिग्गज कंपनी Subros Limited ने सितंबर तिमाही के शानदार आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू **36.3%** उछलकर **₹1,198.90 करोड़** पर पहुंच गया है, वहीं नेट प्रॉफिट **9.9%** की बढ़त के साथ **₹44.62 करोड़** दर्ज किया गया है।
मुनाफे में इजाफा और रेवेन्यू का दम
सितंबर 2026 में खत्म हुई तिमाही के लिए Subros Limited ने ठोस प्रदर्शन दिखाया है। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹44.62 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹40.59 करोड़ था। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट भी ₹44.64 करोड़ रहा है। वहीं, कंपनी की आय में 36.3% की बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है, जो पिछले साल ₹879.83 करोड़ थी।
प्रति शेयर कमाई (EPS) में सुधार
कंपनी के बेहतर प्रदर्शन का सीधा असर शेयरहोल्डर्स की वैल्यू पर दिख रहा है। कंपनी की अर्निंग पर शेयर (EPS) पिछले साल के ₹6.22 से बढ़कर अब ₹6.84 पर पहुंच गई है। कंपनी का मुख्य फोकस अभी भी थर्मल प्रोडक्ट्स (Thermal Products) सेगमेंट पर बना हुआ है, जिससे निवेशकों के लिए कंपनी की परफॉर्मेंस को समझना आसान हो जाता है।
ग्रोथ बनाम मार्जिन का गणित
पिछले छह महीनों का डेटा देखें तो स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹86 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹81.25 करोड़ था। इस ग्रोथ में गुजरात इंसेंटिव टू इंडस्ट्रीज स्कीम (Gujarat Incentive to Industries Scheme) के तहत मिले ₹0.64 करोड़ के ग्रांट का भी योगदान है। हालांकि, निवेशकों के लिए एक चिंता का विषय यह है कि रेवेन्यू ग्रोथ 36.3% की तुलना में मुनाफा केवल 9.9% बढ़ा है, जो बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चों की ओर इशारा करता है। भविष्य में मार्जिन को बनाए रखना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती हो सकती है।
