Sterling Tools ने Q2 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट की मांग के चलते कंपनी का रेवेन्यू **32%** बढ़ा है, लेकिन कमोडिटी की बढ़ती कीमतों ने मुनाफे पर दबाव बना दिया है।
रेवेन्यू में दमदार तेजी, पर मुनाफे पर दबाव
Sterling Tools का परफॉर्मेंस मिला-जुला रहा है। कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल (YoY) आधार पर 32% बढ़ा है, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) ₹13.6 करोड़ दर्ज किया गया है।
नतीजों के पीछे की कहानी
कंपनी के कोर फास्टनर बिजनेस ने अच्छी रफ्तार दिखाई है, लेकिन मुनाफे की तुलना पिछले साल की समान अवधि से करना थोड़ा मुश्किल है, क्योंकि पिछले साल ₹9.5 करोड़ का एक एक्सेप्शनल गेन शामिल था। इस तिमाही में EBITDA ₹27.7 करोड़ रहा है, जिस पर इनपुट कॉस्ट और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर देखा जा सकता है।
EV सेगमेंट और भविष्य की राह
कंपनी का सारा दारोमदार अब अपने E-Mobility (SEM) डिवीजन पर है। EV सेगमेंट का रेवेन्यू ₹23 करोड़ रहा है। मैनेजमेंट का लक्ष्य इस बिजनेस को ₹150 करोड़ के रेवेन्यू मार्क पर ले जाकर ब्रेक-ईवन करने का है। निवेशक अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि कंपनी टंगस्टन कार्बाइड जैसे महंगे इनपुट कॉस्ट का बोझ अपने OEM पार्टनर्स पर कितनी प्रभावी ढंग से डाल पाती है।
Capex और कर्ज का गणित
FY27 के लिए कंपनी ने ₹150 करोड़ का भारी-भरकम Capex प्लान किया है, जिसमें ₹120 करोड़ केवल फास्टनर बिजनेस के लिए हैं। विस्तार की इस दौड़ में कंपनी का कर्ज का स्तर थोड़ा बढ़ा है।
आगे क्या ट्रैक करें?
- OEM डील्स: Tata और Mahindra के साथ कीमतों को लेकर चल रही बातचीत पर बाजार की नजर है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि H2 में प्राइस एडजस्टमेंट से मार्जिन में राहत मिलेगी।
- EV ग्रोथ: STML हाई-वोल्टेज DC कांटैक्टर बिजनेस का स्केल-अप कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ के लिए बेहद अहम है।
